MMMUT मे रेलवे एडवांस सिग्नलिंग और कवच पर शुरू होगा कोर्स
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी (एमएमएमयूटी) रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और एटीपी-कवच पर कोर्स प्रारम्भ करेगा. भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग एवं दूरसंचार संस्थान (इरिसेट), सिकंदराबाद के योगदान से यह पाठ्यक्रम प्रारम्भ होगा. इसके लिए दोनों संस्थान जल्द ही करार (एमओयू) करने जा रहे हैं. आईआरआईएसईटी (इरिसेट) अपनी अत्याधुनिक कक्षाओं और प्रयोगशालाओं में सिग्नल, दूरसंचार और स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (आईएटीपी)-कवच पर कौशल उन्मुख संकाय विकास कार्यक्रम और औद्योगिक प्रशिक्षण प्रदान करता है. दोनों संस्थानों के बीच प्रशिक्षण, शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों पर करार होगा. इसके अनुसार एमएमएमयूटी रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और कवच पर शॉर्ट टर्म पीजी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स प्रदान करेगा. इससे रेलवे में मैनपॉवर की आवश्यकता पूरी होगी. इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए भी पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए जाएंगे. विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में भी वैकल्पिक विषय के रूप में ‘रेलवे एडवांस सिग्नलिंग’ और ‘कवच’ पर पाठ्यक्रम मौजूद होगा.

इन बिंदुओं पर होगा एमओयू
इरिसेट में रेलवे सिग्नलिंग और कवच पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहां जाने पर संस्थान छात्रावास, आवास और मेस सुविधाएं प्रदान करेगा. सीखने और शैक्षिक उद्देश्य के लिए क्षेत्रीय रेलवे, डिवीजनों में शिक्षा प्रशिक्षण, व्यावसायिक प्रशिक्षण, साइट विजिट की प्रबंध इरिसेट ही करेगा. औनलाइन और ऑफलाइन कैंपस आयोजित होगा. अनुसंधान में भी दोनों संस्थान परस्पर एक दूसरे का योगदान करेंगे. अपनी जरूरी सुविधाएं भी एक दूसरे से साझा करेंगे. समन्वय और नज़र के लिए समन्वय समिति बनेगी. यह समझौता ज्ञापन पांच वर्ष के लिए होगा. आपसी समझौते से इसे विस्तारित किया जा सकता है.
शिक्षकों को भी औद्योगिक प्रशिक्षण
एमएमएमयूटी के शिक्षकों को भी आईआरआईएसईटी द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. संकाय विकास कार्यक्रम भी संचालित होगा. इसके अनुसार शैक्षिक इनपुट दिए जाएंगे. इस एमओयू से कम्प्यूटर साइं, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स इन आईओटी, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल विद्यार्थियों को फायदा होगा. उनके लिए रेलवे के एडवांस सिग्नलिंग और कचव के वैकल्पिक कोर्स प्रारम्भ होंगे. दोनों संस्थान मिलकर एडवांस सिग्नलिंग और कवच पर काम करेंगे. इसके अनुसार कोर्स प्रारम्भ किए जाएंगे. पूर्वोत्तर रेलवे से भी सुविधाएं मिलेंगी. कवच और एडवांस सिग्नलिंग की ट्रेनिंग के लिए फैकल्टी सिकंदराबाद जाएंगे. इससे रेलवे के लिए मैनपॉवर ट्रेंड हो सकेंगे. -प्रो। जेपी सैनी, कुलपति, एमएमएमयूटी

