चैत्र नवरात्रि में ईशान कोण में प्रतिमा करें स्थापित
लोकल 18 के साथ वार्ता के दौरान उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित गृह स्थानम के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बोला कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में वास्तु गुनाह होने से जीवन में कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। चैत्र नवरात्रि में कुछ आसान और कारगर तरीकों से इन दोषों को दूर किया जा सकता है, जिससे जीवन में सुख-शांति का माहौल बना रहता है। इस साल 2025 में चैत्र नवरात्र का प्रारंभ 30 मार्च से होने जा रहा है, जो 6 अप्रैल 2025 पर समापत होगा। नवरात्रि के ये 9 दिन मां दुर्गा की विशेष कृपा के पात्र बनने के लिए हर आदमी को व्रत करने चाहिए और विधिपूर्वज पूजा करनी चाहिए। इससे जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली बढ़ती है।

वास्तु गुनाह दूर करने के उपाय
1. चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा और उनका व्रत करना बहुत फायदेमंद होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, नवरात्रि के दौरान घर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करना, विशेष रूप से घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में, शुभ माना जाता है। इस दिशा में प्रतिमा स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, और साथ ही वास्तु दोषों का असर कम होता है।
2. ध्यान रखें कि स्थापित की गई प्रतिमा खंडित न हो, क्योंकि खंडित प्रतिमा से नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी-देवताओं की आरती में घी का दीपक ही प्रज्ज्वलित करें। इस दीपक को दाहिने हाथ में रखकर पूजा करनी चाहिए। घी का दीपक सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक होता है।
3. इसे जलाने से घर में उपस्थित वास्तु दोषों का निवारण होता है और घर का वातावरण शुद्ध होता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान नौ दिन का व्रत रखना और उपवास करना भी वास्तु दोषों को दूर करने के लिए कारगर तरीका है। इस दौरान मां दुर्गा का भव्य पूजन और संकल्प लेना आपके जीवन में सौभाग्य और समृद्धि की वृद्धि करता है।
4. यह न सिर्फ़ मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि घर के वातावरण को भी सकारात्मक बनाता है। नवरात्रि के दौरान घर की पूरी सफाई करना और घर के अव्यवस्थित स्थानों को सुधारना वास्तु दोषों को कम करने का एक कारगर तरीका है। घर में धूल और गंदगी से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिसे नवरात्रि में साफ-सफाई करके हटाना चाहिए। इसके अलावा, घर की मरम्मत और नवीनीकरण भी वास्तु दोषों को दूर करने में सहायक होते हैं।
इतने तरह के अनाज का करें पूजन
नवरात्रि के दौरान नौ दिन तक भिन्न-भिन्न अनाजों का पूजन और दान करना भी शुभ माना जाता है। इससे घर में समृद्धि और संपन्नता आती है। अनाजों को ठीक दिशा में रखें और उनका पूजन करके उन्हें दान करें, यह कार्य घर के वास्तु दोषों को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

