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खेतों से टिड्डे-खरपतवार को दूर करने के लिए करें ये छोटा-सा काम, उपज भी होगी पहले से बेहतर

जायद फसल काटने के बाद अपने खेतों की गहरी जुताई करना किसानों के लिए बहुत लाभ वाला साबित हो सकता है कृषि जानकारों के अनुसार, गहरी जुताई का अर्थ है मिट्टी को पलटकर ऊपर-नीचे करना गर्मियों में यह प्रक्रिया मिट्टी के स्वास्थ्य और अगली फसल की पैदावार के लिए कई तरह से फायदेमंद है इतना ही नहीं लगातार गिर रहे भूमिगत जलस्तर में भी सुधार लाया जा सकता है गहरी जुताई करने से मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ेगी

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कृषि उप निदेशक डाक्टर धीरेंद्र सिंह ने कहा कि गर्मी में गहरी जुताई करने से मिट्टी में सूर्य का प्रकाश और हवा अच्छी तरह से प्रवेश कर पाते हैं तेज धूप मिट्टी की गहराई तक जाकर खरपतवारों के बीजों और नुकसानदायक कीटों के अंडों को नष्ट कर देती है इसके अलावा, यह मिट्टी की जल धारण क्षमता को बढ़ाता है, जिससे अगली फसल में बेहतर उपज मिलती है और खरपतवारों की परेशानी भी कम होती है

छूमंतर हो जाएंगे टिड्डे
गहरी जुताई मिट्टी में छिपे टिड्डी जैसे नुकसानदायक कीटों के अंडों को भी खत्म करती है जुताई के दौरान ये अंडे मिट्टी की सतह पर आ जाते हैं, जिन्हें पक्षी खा जाते हैं या फिर तेज धूप में वे नष्ट हो जाते हैं

गर्मियों में 3 बार करें ये काम
इतना ही नहीं, गहरी जुताई उन बहुवर्षीय खरपतवारों से छुटकारा दिलाने में भी कारगर है जिनकी जड़ें गहराई तक फैली होती हैं गर्मियों में दो से तीन बार गहरी जुताई करने से इन खरपतवारों को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है गहरी जुताई करने के लिए किसानों को पलटा हल या डिस्क हैरो का इस्तेमाल करना चाहिए

मृदा स्वास्थ्य में होगा सुधार
गहरी जुताई का एक और जरूरी फायदा यह है कि इससे मिट्टी की सतह खुल जाती है, जिससे हवा का संचार बेहतर होता है सूर्य की किरणें मिट्टी में प्रवेश करके खनिजों को पौधों के लिए सरलता से मौजूद कराती हैं धूप और हवा के मिलने से मिट्टी में नाइट्रोजन का निर्माण तेज़ी से होता है और जैविक पदार्थ नाइट्रेट में परिवर्तित होकर अगली फसल को सीधा फायदा पहुंचाते हैं

बढ़ेगी जल धारण क्षमता
गहरी जुताई करने से भूमिगत जल स्तर में भी सुधार किया जा सकता है गर्मी के मौसम में यदि किसान खेती गहरी जुताई करते हैं तो मिट्टी की सतह खुल जाती है और ऐसे में यदि बारिश होती है तो जब भूमि बारिश के पानी को अधिक से अधिक अवशोषित कर लेगी वरना खेतों से पानी नदी और नालों में चला जाता है

गहरी जुताई कैसे करें?
जुताई करते समय खेत के ढलान को ध्यान में रखना आवश्यक है यदि ढलान पूर्व से पश्चिम की ओर है, तो जुताई उत्तर से दक्षिण दिशा में करनी चाहिए असमान खेतों में ढलान की उल्टा दिशा में जुताई करनी चाहिए ताकि बारिश का पानी मिट्टी को बहा न ले जाए गर्मियों में लगभग 15 सेंटीमीटर गहरी जुताई करना पर्याप्त होता है

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