लाइफ स्टाइल

परमा एकादशी के दिन करें ये काम

पंडितों के अनुसार, अधिक मास की परमा एकादशी धन संकट दूर करने वाली मानी गई है साथ ही इस व्रत को करने से ईश्वर विष्णु जल्द प्रसन्न होते हैं और दुख दरिद्रता से मुक्ति मिलती है शास्त्रों के मुताबिक परमा एकादशी अपने नाम के मुताबिक परम सिद्धियां प्राप्त करने वाला व्रत है

Newsexpress24. Com parama ekadashi 2023 download 21

WhatsApp Group Join Now

अधिक मास में पड़ने वाली एकादशी को परमा एकादशी बोला जाता है परमा एकादशी का हिन्दू धर्म में खास महत्व है तो आइए हम आपको परमा एकादशी व्रत की विधि एवं महत्व के बारे में बताते हैं

जानें परमा एकादशी व्रत के बारे में 

परमा एकादशी का व्रत सिर्फ़ अधिकमास में पड़ता है 12 अगस्त 2023 को परमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा ये अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पड़ता है अधिकमास की परमा एकादशी पर ईश्वर विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है इस दिन भक्तों को पूजा का पूरा फल मिलता है इसके अतिरिक्त सावन अधिक मास में ईश्वर विष्णु समेत भोलेनाथ की पूजा आराधना करने का विधान है

सनातन धर्म का एकादशी व्रत में है खास महत्व 

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व है वैसे तो एक साल में 24 एकादशी पड़ती है परन्तु जिस वर्ष अधिक मास पड़ता है, उस वर्ष 26 एकादशी होती हैं एकादशी तिथि विष्णु प्रिया है और अधिक मास भी श्री विष्णुजी को समर्पित है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इस एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है श्रावण अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी बोला जाता है इस दिन व्रत और ईश्वर विष्णु की वकायदा पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है इसके अतिरिक्त सावन अधिक मास में ईश्वर विष्णु समेत भोलेनाथ की पूजा आराधना करने का विधान है

परमा एकादशी का महत्व

पंडितों के अनुसार, अधिक मास की परमा एकादशी धन संकट दूर करने वाली मानी गई है साथ ही इस व्रत को करने से ईश्वर विष्णु जल्द प्रसन्न होते हैं और दुख दरिद्रता से मुक्ति मिलती है शास्त्रों के मुताबिक परमा एकादशी अपने नाम के मुताबिक परम सिद्धियां प्राप्त करने वाला व्रत है जब इस व्रत को यक्षों के स्वामी कुबेर जी ने किया था तो ईश्वर शंकर ने प्रसन्न होकर उन्हें धनाध्यक्ष बना दिया था इस व्रत को करने से सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र को पुत्र, महिला और राज्य की प्राप्ति हुई थी इस व्रत के दौरान पांच दिन तक स्वर्ण दान, विद्या दान, अन्न दान, भूमि दान और गौ दान करना चाहिए, ऐसा करने से आदमी को माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसे धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती

परमा एकादशी के दिन ऐसे करें पूजा

भगवान गणेश प्रथम पूज्य माने जाते हैं, ऐसे में विष्णु जी की पूजा से पहले गणेश जी की पूजा करें इस दिन जगत के पालनहार ईश्वर श्री हरि विष्णु की उपासना करनी चाहिए पूजा स्थल के ईशान कोण में एक वेदी बनाकर उस पर सप्त धान रखें एवं इस पर जल कलश स्थापित कर इसे आम या अशोक के पत्तों से सजाएं विष्णु जी के साथ मां लक्ष्मी की मूर्ति जरूर रखें दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध भरें और सभी देवी-देवताओं का अभिषेक करें इसके बाद जल से अभिषेक करें तत्पश्चात पीले पुष्प, ऋतुफल, तुलसी आदि अर्पित कर धूप-दीप और कपूर से ईश्वर विष्णु की आरती करें इस दिन विष्णुजी के मंदिर एवं तुलसी के नीचे दीपदान करना बहुत शुभ माना गया है इस दिन दान-दक्षिणा जरूर करें

परमा एकादशी से जुड़ी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक प्राचीन काल में काम्पिल्य नगर में सुमेधा नामक एक ब्राह्मण रहता था और उसकी पत्नी का नाम पवित्रा था पवित्रा बहुत अधिक धार्मिक थी और परम सती और साध्वी महिला थी एक दिन गरीबी से परेशान होकर ब्राह्मण ने विदेश धन कमाने जाने का विचार किया, लेकिन पवित्रा ने बोला कि धन और संतान पूर्व जन्म के फल से प्राप्त होते हैं, इसलिए आप चिंता न करें कुछ दिनों बाद महर्षि कौंडिन्य गरीब ब्राह्मण के घर आए ब्राह्मण दंपति ने तन-मन से महर्षि कौंडिन्य की सेवा की तो उन्होंने गरीबी दूर करने का धार्मिक तरीका बताया महर्षि कौंडिन्य ने कहा कि अधिक मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत तथा रात्रि जागरण करने से ईश्वर विष्णु प्रसन्न होते हैं इतना कहकर मुनि कौंडिन्य चले गए और सुमेधा ने पत्नी सहित व्रत किया परमा एकादशी व्रत के असर से उनकी गरीबी दूर हो गई और उन्हें सुखी जीवन प्राप्त हुआ

परमा एकादशी की शुभ तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार, अधिकमास के कृष्ण पक्ष की परमा एकादशी तिथि शुक्रवार, 11 अगस्त को सुबह 05 बजकर 06 मिनट पर आरंभ  होगी

परमा एकादशी के दिन करें ये काम

पौराणिक कथाओं के मुताबिक जब पांडव अपना राजपाट खो चुके थे, कौरवों ने उनसे सब छीन लिया था, तब ईश्वर श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को कहा था कि परमा एकादशी का व्रत करने वाला आदमी दरिद्रता से मुक्त हो जाता है उसके जीवन से धन संकट दूर हो जाता है साथ ही परमा एकादशी व्रत यश और सम्‍मान दिलाता है इसके लिए महत्वपूर्ण है कि परमा एकादशी व्रत और पूजा विधि-विधान से किया जाए

परमा एकादशी व्रत के लिए तैयारी एक दिन पहले ही प्रारम्भ हो जाती है यानी कि परमा एकादशी से एक दिन पहले सात्विक भोजन ही करें व्रत वाले दिन सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान करें और सूर्य देव को जल चढ़ाएं फिर ईश्वर के सामने हाथ में फूल और अक्षत लेकर परमा एकादशी व्रत करने का संकल्‍प लें फिर शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर ईश्वर विष्णु की मूर्ति या तस्‍वीर की स्थापना करें फिर ईश्वर का पंचामृत से अभिषेक करें उन्‍हें पीले वस्त्र, फूल, माला, जनेऊ, चंदन आदि से उनका श्रृंगार करें उन्‍हें अक्षत, तुलसी के पत्ते, फल, मिठाईयों का भोग लगाएं धूप, दीप करें साथ ही इस दौरान ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते रहें घी का दीपक जरूर जलाएं विष्णु चालीसा, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें परमा एकादशी की व्रत कथा जरूर पढ़ें इसके बिना पूजा अधूरी रहती है आखिर में आरती करें परमा एकादशी के दिन दिनभर सिर्फ़ फलाहार ग्रहण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें इस दिन किसी योग्‍य ब्राह्मण को दान जरूर दें अच्‍छा आचरण करें, किसी को अपशब्‍द ना कहें, ना मन में बुरे विचार लाएं अगले दिन ठीक समय में पारण करें

 

Back to top button