गमले में गुड़हल उगाने की जाने आसान टिप्स
Gardening Tips: आपकी बगिया में या बालकनी में गुड़हल फूल नहीं उग रहा? पौधा लगाने, देखरेख के बाद भी कली नहीं खिल रही? या एक दो फूल ही खिल पा रहे हैं? यदि आप भी ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो ये टिप्स आपके लिए है। गुड़हल का फूल दिखने में सुंदर होता है। तितलियां और मधुमक्खियां को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इंसानों की स्वास्थ्य के लिए भी लाभ वाला होता है। ऐसे में यदि आप गुड़हल उगाना चाहते हैं तो एक्सपर्ट की राय जरूर जानें।

किसी भी फूल, फल या सुंदरता बढ़ाने वाले पौधे जब हम लगाते हैं तो उसमें प्रजाति का चुनाव करना सबसे अहम होता है। ऐसे ही गुड़हल में भी होता है। इसमें दो तरह की वैरायटी पाई जाती है। पहली प्रजाति देसी गुड़हल होती है। इसके बड़े और गहरे लाल रंग के फूल होते हैं। दूसरी वैरायटी हाइब्रिड गुड़हल की होती है। इसमें रंग-बिरंगे फूल आते हैं। जैसे सफेद, गुलाबी, पीले, गुलाबी, नारंगी। ये सभी सजावटी गार्डन में अधिक दिखाई देते हैं।
ऐसी मिट्टी में ही उगेगा बढ़िया गुड़हल
गार्डन का शौक रखने वाले सागर तिलकगंज निवासी शैलेंद्र जैन बताते हैं कि पौधों को अच्छे से ग्रो कराने के लिए मिट्टी का चुनाव भी सबसे अधिक जरूरी होता है। मिट्टी ही यह तय करती है कि आपका पौधा कैसा होगा। गुड़हल के लिए काली दोमट मिट्टी, जिसमें जल निकासी अच्छी तरह से हो काफी मुफीद होती है। यदि इस तरह की मिट्टी नहीं है तो आप स्वयं तैयार कर सकते हैं। इसके लिए बगीचे की किसी हिस्से की मिट्टी की खुदाई कर ले उसमें एक हिस्सा गोबर का या फिर वर्मी कंपोस्ट का ले लें। फिर थोड़ी बालू उसमें मिक्स कर दें, मिट्टी का पीएच थोड़ा एसिडिक (6.0–6.5) होना बेहतर है।
10-15 दिन में दिखेगा फर्क
आगे बताया, इस मिट्टी को गमले में भरकर चार इंच की गहराई में गुड़हल की ब्रांच को लगा दें। 10-15 दिन में इसमें देखेंगे की नयी कोपल आने लगी हैं। लेकिन, इस पौधे को लगाने के बाद देखरेख के भी जरूरत होती है। समय-समय पर इसमें खाद भी देनी पड़ती है। साथ ही मिट्टी में नमी बनी रहे, इसलिए एक दिन छोड़ एक पानी भी देते रहें। सर्दियों के मौसम में सप्ताह में दो दिन तो गर्मियों के मौसम में प्रतिदिन पानी देने की जरूरत होती है। इसके बाद आपके घर में गुड़हल हमेशा खिला रहेगा।

