EduCare न्यूज: दो अकेडमिक प्रोग्राम्स एक साथ कर सकेंगे स्टूडेंट्स
अब पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स के पास 1 वर्ष का PG कोर्स करने की छूट होगी। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन यानी यूजीसी के मुताबिक अब नए पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम तीन फॉर्मेट- एक साल, दो वर्ष या पांच वर्ष में इंटीग्रेटेड प्रोग्राम के अनुसार कर सकेंगे।

‘माइनर सब्जेक्ट से भी PG कर सकेंगे’- यूजीसी चेयरमैन
UGC चेयरमैन प्रोफेशर एम जगदीश कुमार ने कहा, ‘इस नए फ्रेमवर्क के बाद अब स्टूडेंट्स किसी भी स्ट्रीम में मास्टर्स कर सकेंगे, चाहे वो सब्जेक्ट अंडर ग्रेजुएशन के दौरान माइनर रहा हो या मेजर।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जो स्टूडेंट्स लंबे समय तक एक सब्जेक्ट नहीं पढ़ना चाहते या जो स्टूडेंट्स एक से अधिक सब्जेक्ट्स पढ़ना चाहते हैं, ये उनके लिए बेहतरीन मौका है। आज के समय में स्टूडेंट्स के पास मल्टीडिसिप्लिनरी नॉलेज होना बहुत महत्वपूर्ण है। जैसे यदि आपने फिजिक्स के साथ ग्रेजुएशन किया, लेकिन उस समय माइनर सब्जेक्ट इकोनॉमिक्स भी पढ़ा। ऐसे में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुसार आपके पास फिजिक्स और इकोनॉमिक्स दोनों सब्जेक्ट्स से पोस्ट ग्रेजुएशन करने का मौका है।’
एक वर्ष का PG कोर्स
अब स्टूडेंट्स के पास एक वर्ष का PG करने का भी ऑप्शन रहेगा। स्टूडेंट्स 1 वर्ष का कोर्स करने के बाद PG डिप्लोमा लेकर कोर्स समाप्त कर सकते हैं। 3 नवंबर को यूजीसी की मीटिंग में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए क्रेडिट फ्रेमवर्क और और करिकुलम भी अप्रूव कर दिया गया है। ग्रेजुएशन में जो सब्जेक्ट स्टूडेंट्स ने नहीं पढ़ा है, उस सब्जेक्ट के साथ भी स्टूडेंट्स PG कर सकेंगे। बस उन्हें CUET PG क्लियर करना होगा। इसके अतिरिक्त स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए ऑफलाइन, औनलाइन या हाइब्रिड मोड चुन सकते हैं।
कुछ ऐसा क्रेडिट फ्रेमवर्क फॉलो करना होगा
PG डिग्री के भिन्न-भिन्न फॉर्मेट के लिए UG लेवल पर मिनिमम क्रेडिट स्कोर की एलिजिबिलिटी पूरी करनी होगी। नेशनल हायर एजुकेशन क्वालिफिकेश्नल फ्रेमवर्क के मुताबिक हायर एजुकेशन को लेवल 4.5 से लेवल 8 तक डिवाइड किया है। जैसे 1 वर्ष या 2 सेमेस्टर के मास्टर्स प्रोग्राम के लिए ऑनर्स या रिसर्च के साथ ऑनर्स ग्रेजुएशन और लेवल 6.5 पर 160 क्रेडिट होने चाहिए। यूजीसी की क्रेडिट स्कोर प्लान का पूरा फ्रेमवर्क नीचे दिए क्रिएटिव में देखें…।
दो अकेडमिक प्रोग्राम्स एक साथ कर सकेंगे स्टूडेंट्स
UGC के इस नए फ्रेमवर्क के मुताबिक अब स्टूडेंट्स दो फुल टाइम अकेडमिक प्रोग्राम एक साथ कर सकते हैं। बशर्ते दोनों की क्लास टाइमिंग एक दूसरे के साथ क्लैश न करे। एक कोर्स की क्लास यदि फुल टाइम ऑफलाइन हो रहीं हैं तो दूसरे कोर्स की क्लास औनलाइन मोड में होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त दोनों कोर्स की क्लास औनलाइन मोड में ली जा सकती हैं।

