कड़वे करेले की खेती करके दोगुना मुनाफा कमा रहा है किसान
बारिश के इस मौसम में यदि आप भी नगदी आमदनी वाली फसलों की खेती करने की सोच रहे हैं, तो यह समाचार आपके लिए है। दरअसल जिले के रानीगंज रामपुर निवासी मोहम्मद नजाम पिछले 5 सालों से सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इस समय पर वह अपने खेतों में करेले की फसल का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने इस फसल की बुवाई मई महीने में की थी। लेकिन, अब करेले की फसल लगातार उत्पादन दे रही है।

वो बताते है कि, इस समय करेले की खेती से किसानों को लाखों की आमदनी हो सकती है। एक बार इस फसल को लगाने के बाद लगातार 3 महीनों तक जमकर पैदावार होती है। ऐसे समय पर अररिया की जलवायु में कई तरह के करेले की खेती की जा सकती है। करेले की फसल लगाने के लिए वर्ष में फरवरी से मार्च से और जून से जुलाई तक का महीना बहुत लाभदायक होता है।
अररिया के रानीगंज प्रखंड भीतर रामपुर निवासी मोहम्मद नजाम बताते हैं कि वह पिछले 05 सालों से सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इस समय पर वह अपने खेतों में करेले की फसल का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने इस फसल की बुवाई मार्च महीने में की थी। लेकिन, अब करेले की फसल लगातार उत्पादन दे रही है। वह बताते हैं कि इसकी फसल को तैयार करने में आमतौर पर तीस हजार रुपए की लागत आती है। फसल तैयार हो जाने के बाद इसकी बिक्री हाथों-हाथ हो जाती है। डिमांड और अच्छे दर मिलने पर इस फसल से दो से ढाई लाख रुपये प्रति बीघा कमाई कर सकते हैं।
करेले की खेती का तरीका
किसान मोहम्मद नजाम बताते हैं कि इसकी फसल करने के लिए सबसे पहले जमीन की रोटावेटर या कल्टीवेटर से अच्छी ढंग से जुताई करके खरपतवार हटाई जाती है। इसके बाद आप इस फसल को बरसात के मौसम में भी कर सकते हैं। इस समय खराब गोबर को जैविक खाद की तरह प्रयोग कर सकते हैं। वहीं उन्नत सील करेले के बीजों को बोना लाभ वाला होता है। इस फसल को हम मचान विधि और खुले मैदान में जमीन पर भी फैलाकर फसल प्राप्त कर सकते हैं। यह किस्में मुख्य रूप से कल्याणपुर बारहमासी, काशी हरित, सफेद काशी उर्वशी, सोलन पूसा 2 जैसी प्रजाति फायदेमंद हैं

