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थकान-तनाव, कब्ज, अपच जैसी समस्याओं से मुक्ति कराएगा ये योगासन

नई दिल्ली, 4 जून . यदि आप थकान-तनाव के साथ कब्ज, अपच जैसी समस्याओं से मुक्ति पाना चाहते हैं तो ‘शवासन’ योगासन करने की आवश्यकता है. यह योगासन देखने और करने में काफी सरल प्रतीत होता है. लेकिन, इसके लाभ कई सारे हैं जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद हैं.Download 11zon 63

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इस योगासन का नियमित अभ्यास करने से तनाव और चिंता में कमी आती है. शवासन मन को शांत करता है और तनाव, चिंता, और अवसाद के लक्षणों को कम करने में सहायता करता है. चलिए इस योगासन के बारे में विस्तार से समझते हैं. शवासन को मृतक मुद्रा भी बोला जाता है. इसे योग सत्र के अंत में या बीच में किया जाता है ताकि शरीर को पूर्ण आराम मिल सके. इस योगासन को करने से मांसपेशियों में तनाव कम होता है और शारीरिक थकान दूर होती है. यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और शरीर को दोबारा से सक्रिय होने के लिए समय देता है. इस योगासन के नियमित अभ्यास दिल मरीजों के लिए काफी लाभ वाला होता है. यह दिल गति को धीमा करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायता करता है.

इस योगासन के करने से गहरी श्वास और आराम के कारण पाचन तंत्र बेहतर ढंग से कार्य करता है, जिससे कब्ज, अपच जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इस योगासन से तनाव से जहां मुक्ति मिलती है. वहीं, मानसिक स्पष्टता बढ़ती है, जिससे एकाग्रता और फैसला लेने की क्षमता में सुधार होता है. इसके अतिरिक्त नींद की गुणवत्ता भी काफी अच्छी हो जाती है. यह योगासन शवासन अनिद्रा के उपचार में कारगर है.

इस योगासन के माध्यम से आदमी आध्यात्मिक तौर पर अपने भीतर की शांति और चेतना से जुड़ सकता है. यह ध्यान की गहरी हालत में ले जाता है, जो आध्यात्मिक विकास के लिए जरूरी है.

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले आप एक साफ-सुधरी स्थान चिन्हित करे. पीठ के बल लेट जाएं, पैरों को थोड़ा फैलाएं, और हथेलियों को ऊपर की ओर रखें. आंखें बंद करें और शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें. धीमी और गहरी सांस लें. सांस पर ध्यान केंद्रित करें, लेकिन उसे नियंत्रित करने की प्रयास न करें. अपने शरीर के प्रत्येक हिस्से को एक-एक करके महसूस करें और उसे पूरी तरह से आराम करने दें.

इस दौरान ध्यान देने वाली बात यह है कि इस योगासन को करने के समय कई बार लोग सो जाते हैं. यह आपके अभ्यास को खराब कर सकता है.

 

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