पालक के खेतों को कीड़ों से बचाने के लिए अपनाएं ये तरीका
मार्च का महीना शुरु हो चुका है. ऐसे में दोपहर में तेज़ धूप गर्मी के बढ़ने की आहट दे रही है. उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में दिन के समय तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी जा रही है. बढ़ती गर्मी के साथ ही खेतों में कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन यदि आप अपने खेत में लगी फसल के लिए सचेत हैं तो आप इन घरेलू तरीकों को अपना सकते हैं, जिसमें आपको किसी केमिकल युक्त दवाइयों पर निर्भर रहना नहीं पड़ेगा. पारंपरिक उपायों को अपनाकर भी आप मिट्टी की पोषक क्षमता के साथ-साथ उसमें उगने वाली फसलों की रक्षा कर सकते हैं. कृषि एक्सपर्ट रिंकी सुधन ने उन परंपरागत उपायों को लोकल18 के साथ साझा किया, जिसे आप घर में स्वयं बनाकर खेतों में छिड़क सकते हैं. ये सभी नुस्खे़ पालक की फसल को बचाने के लिए बहुत कारगर सिद्ध होते हैं.

हल्दी और नीम औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं. 100 ग्राम हल्दी और 1 लीटर नीम के ऑयल को 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. यह कीटों को दूर करने के साथ ही मिट्टी में बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है. हल्दी और नीम उन कीटों के लिए खतरनाक हैं जो आपकी पालक की फसल को बर्बाद करते हैं.
गुड़ और छाछ का ऐसे करें इस्तेमाल
गुड़ और छाछ की सहायता से किसान जीवामृत तैयार कर सकते हैं. गुड़ और छाछ के मिश्रण से इसे तैयार किया जाता है. 1 किलो गुड़, 1 लीटर छाछ और 10 लीटर पानी को मिलाकर 2 दिन तक छोड़ दें. इस घोल का छिड़काव करने से पौधों की ग्रोथ तेज होती है और कीट दूर रहते हैं.
नीम का ऑयल भी कारगर
ग्रामीण क्षेत्र में पालक की फसल को बचाने के लिए ये ढंग भी आज़माएं जाते हैं. 5 मिली. नीम का ऑयल और थोड़ा साबुन पानी में मिलाकर स्प्रे करें. यह पत्तियों पर लगे कीड़े और कीटों से बचाने में कारगर है. आमतौर खेत में उपस्थित हरे कीट इस घोल से दूर भागते हैं.
घर पर ऐसे बनाएं जीवाणु खाद
गुड़ और दही के घोल को जीवाणु खाद भी कहते हैं. 1 किलो गुड़ और 2 किलो ताजा दही को 20 लीटर पानी में मिलाकर 3 दिन तक ढककर रखें. इस घोल को छिड़कने से पौधों की बीमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और फसल में कीड़े कम लगते हैं. पालक की खेती के लिए ये कारगर होते हैं.
नींबू के पत्तों का काढ़ा
आमतौर पर गांव में नींबू के पेड़ मिल जाते है. उसके पत्तों का काढ़ा भी बहुत लाभ वाला होता है. पालक के खेत में यदि कीड़े या कीट लगे हैं तो ये काढ़ा उन्हें समाप्त कर देगा. नींबू के पत्तों को उबालकर उसका पानी छिड़कने से पालक पर लगे रस चूसने वाले कीट दूर होते हैं

