इस खास खरपतवार नाशक का इस्तेमाल करके पाएं जबरदस्त परिणाम
खरीफ की मुख्य फसल धान के लिए यह समय बहुत ही जरूरी है। बरसात होने के बाद धान के खेतों में खरपतवार तेजी के साथ उगते हैं। खरपतवार मुख्य फसल के पौधों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। जिसकी वजह से धान के पौधों की ग्रोथ प्रभावित होती है। किसान कई ढंग के खरपतवार नाशक का इस्तेमाल करते हैं। जिन किसानों की धान की फसल 35 से 40 दिनों की हो गई है, वहां पर खरपतवार नाशक का इस्तेमाल करते समय कोई भी ढिलाई नहीं करनी चाहिए। एक्सपर्ट द्वारा बताए हुए खरपतवार नाशक का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर में तैनात कृषि एक्सपर्ट डाक्टर एनपी गुप्ता ने कहा कि धान की फसल 35 से 40 दिनों के करीब हो जाती है तो किसानों को बिना जांचे परखे कोई भी खरपतवार नाशक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। धान की फसल को हानि हो सकता है। धान के पौधे में निकलने वाली बाली और दानों में विसंगतियां आ सकती हैं। ऐसे में यदि आप ही धान की फसल में आप खरपतवार नाशक को गए हैं तो किसान काउंसिल सक्रिय ट्रायफामोन 20% + एथोक्सीसल्फ्यूरॉन 10% WG (Council Active Triafamone 20% + Ethoxysulfuron 10% WG) खरपतवार नाशक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल करना करने से धान की फसल को कोई हानि नहीं होगा। खरपतवार नष्ट हो जाएंगे।
निर्धारित मात्रा में करें छिड़काव
खरपतवार नाशक का छिड़काव करते समय किसान मौसम का ध्यान रखें, यदि मौसम साफ हो तो खरपतवार नाशक काउंसिल सक्रिय ट्रायफामोन 20% + एथोक्सीसल्फ्यूरॉन 10% WG (Council Active Triafamone 20% + Ethoxysulfuron 10% WG) की 90 ग्राम मात्रा लेकर 120 लीटर पानी में घोल बनाएं और एक एकड़ फसल में छिड़काव कर दें। इसका छिड़काव करने से सभी तरह के खरपतवार नष्ट हो जाएंगे। ध्यान रखें कि खरपतवार नष्ट करते समय खेत में अधिक पानी नहीं भरा होना चाहिए। अधिक मात्रा में खरपतवार नशा का छिड़काव ना करें धन की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।

