हैप्पी कपल्स दूसरे कपल्स के मुकाबले पड़ते हैं कम बीमार
Partner reduces pain: जब दो लोग आपस में प्यार करते हैं तो वह एक-दूसरे के लिए दवा बन जाते हैं। वैसे भी प्यार को हर मर्ज की दवा बोला जाता है। हैप्पी कपल्स दूसरे कपल्स के मुकाबले कम बीमार पड़ते हैं और उन्हें दर्द का एहसास भी नहीं होता। दरअसल कपल्स का प्यारभरा साथ ही उनकी वास्तविक ताकत होता है।

कम होता है दर्द का एहसास
मेडिकल न्यूज टुडे में एक रिसर्च छपी। ऑस्ट्रिया की यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के मुताबिक जो कपल एक-दूसरे से प्यार करते हैं। एक-दूसरे को प्यार से छूते हैं, उन्हें दर्द का एहसास कम होता है। दरअसल उनके पार्टनर उनके लिए पेन किलर का काम करते हैं। स्त्रियों को मर्दों के मुकाबले अधिक दर्द का एहसास होता है लेकिन जब उनका पार्टनर प्यार करता है तो उनके शरीर में हैप्पी और लव, दोनों हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो दिमाग को रिलैक्स करते हैं और दर्द महसूस नहीं होता।
बीमारी नहीं करती परेशान
इंसान का शरीर हार्मोन्स से कंट्रोल होता है। हर मूड के साथ अलग तरह का हार्मोन रिलीज होता है जो इमोशन को कंट्रोल करता है। जब हार्मोन्स असंतुलित होते हैं तो कई तरह की बीमारियां आदमी को घेर लेती हैं। जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और मोटापा। जब स्ट्रेस लेवल बढ़ता है तो इन रोंगों का प्रकोप और बढ़ जाता है। लेकिन कपल के बीच का प्यार स्ट्रेस को कम करता है और हार्मोन्स को रेगुलेट करता है जिससे उन पर इन रोंगों का असर कम होता है।
चोट शीघ्र होती है ठीक
प्यार में बहुत ताकत होती है। आर्काइव्स ऑफ जनरल साइकाइट्री में एक रिपोर्ट छपी। इसमें एक रिसर्च का हवाला देते हुए बोला गया कि जिन लोगों को चोट लगी थी और वह अपने पार्टनर के साथ खुश थे, उनकी चोट शीघ्र ठीक हुई जबकि जिनकी पार्टनर से अच्छी नहीं बनती थी, उनकी चोट को ठीक होने में दोगुना समय लगा। यही नहीं साइकोलॉजिकल साइंस के मुताबिक पार्टनर का प्यार आदमी को शॉक से भी दूर रखता है। इस स्टडी में स्त्रियों को इलेक्ट्रिक शॉक दिया गया। लेकिन जिन स्त्रियों ने अपने पार्टनर का हाथ थामा हुआ था, उन पर इसका असर कम दिखा।
लंबे समय तक जीते हैं
मनोचिकित्सक प्रियंका श्रीवास्तव कहती हैं कि आज के समय में ज्यादातर लोग रिलेशनशिप के इश्यू से गुजर रहे हैं। दरअसल समय का अभाव और वर्क लोड की वजह से वह अपने पार्टनर को समय नहीं दे पाते जिससे वह डिप्रेशन का शिकार होने लगे हैं और उनका रिश्ता भी लंबे समय तक नहीं टिक पाता। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो सुबह अपने पार्टनर के साथ मॉर्निंग वॉक करते हैं, ब्रेकफास्ट करते हैं, शाम को ऑफिस से आने के बाद पार्टनर के साथ बैठकर गपशप करते हैं और छुट्टी वाले दिन घूमने निकल जाते हैं। जो कपल एक-दूसरे को समय देते हैं, उन्हें तनाव, एंग्जायटी, डिप्रेशन जैसी समस्याएं नहीं घेरती। पार्टनर एक-दूसरे को सुधारते हैं और खुश रहते हैं इसलिए ऐसे कपल बीमार नहीं पड़ते और लंबे समय तक हेल्दी रहते हैं। कई स्टडी में यह भी बोला जा चुका है कि हैप्पी कपल लंबे समय तक जीते हैं।

