यहां पर बेहद हिट होता है बाटी-चोखा का स्वाद, घंटों तक लगी रहती हैं लाइनें
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा नगर में बिहार जैसा बाटी-चोखा का स्वाद मिलता है। हम बात कर रहे हैं पांडेय बाबा बाटी चोखा की। यहां सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लग जाती है। उन्होंने कहा कि हमारी दुकान लगभग 23 वर्ष पुरानी है। हमारे यहां सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लग जाती है और देर रात तक दुकान खुली रहती है।

तैयार होता है फ्रेश
लोकल 18 से वार्ता के दौरान बाबा बाटी चोखा वाले श्री राम पांडेय बताते हैं कि हमारे बाटी और चोखा की विशेषता यह है कि हम बाटी में 12 प्रकार के मसालों का प्रयोग करते हैं और जैसे-जैसे ग्राहक आते हैं, वैसे-वैसे चोखा तैयार करते हैं ताकि चोखा खराब न हो।
वे कहते हैं हमारी बाटी की दुकान लगभग 23 से 24 वर्ष पुरानी है। जब हमने दुकान की आरंभ की थी, तब हमारे यहां तीन रुपए जोड़ा बाटी-चोखा दिया जाता था और इस समय हमारे यहां एक बाटी-चोखा का मूल्य 15 रुपए है। दिनभर में लगभग 200 से 250 बाटी बिक जाती हैं।
लाखों की कमाई!
श्री राम ने आठवीं तक की पढ़ाई की है, उसके बाद कुछ कारणवश उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और बाटी-चोखा के बिजनेस की आरंभ की, जिससे सालाना लाखों का टर्नओवर हो रहा है। पहले इनकी चाय की दुकान थी। उनकी चाय की दुकान के बगल में एक बिहारी आदमी की बाटी-चोखा की दुकान थी। फिर इन्होंने बगल वाली दुकान से बाटी-चोखा बनाना सीखा और इस काम की आरंभ की। ये आइडिया वहीं से आया।
ऐसे होती है तैयार
रेसिपी के बारे में वे आगे बताते हैं कि, पहले हम बाजार से सभी मसाले साबुत ही खरीदते हैं, उसके बाद घर पर धुलाई करके उनकी कुटाई और पिसाई होती है। इसमें हींग, जीरा, अजवाइन, सौंफ, मंगरैल, धनिया, लहसुन, प्याज, अदरक, सत्तू, काला नमक और सरसों का ऑयल मिलाया जाता है। इन्हीं मसालों की वजह से पांडेय बाबा बाटी-चोखा का स्वाद लाजवाब होता है।
ये पूरे दिन में लगभग 100 बार चोखा बनाते हैं। उन्होंने कहा कि चोखा बनाते समय हाथ का प्रयोग नहीं करते हैं। लकड़ी की कुटनी से चोखे में सारे मसाले मिलाकर ग्राहकों को देते हैं। हाथ लगाने से चोखा खराब हो जाता है।

