एसिड वाले आलू व शुद्ध आलू की इस तरह करें पहचान
मेरठ: यूपी के मेरठ से एक चौंकाने वाली समाचार सामने आ रही है। आपने कई बार सुना होगा कि नकली दूध और पनीर बाजार में धड़ाधड़ खुलेआम बिक रहा है। हालांकि, हम कहें कि सावधान हो जाइए बाजार में पुराने आलू को एसिड से नया बनाया जा रहा है तो शायद आपको विश्वास न हो। मगर, यही सच है। जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को जानकारी हुई कि ऐसा कुछ हो रहा तो उन्होंने तुरंत जांच पड़ताल के आदेश दिए। आइए इस स्पेशल रिपोर्ट में जानते हैं कि एसिड से किस तरह आलू को नया किया जा रहा है और एसिड वाले आलू और शुद्ध आलू को कैसे पहचानें।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त के आदेश पर जिलेभर में आलू भंडारण केंद्रों, कोल्ड स्टोरेज और मंडियों में औचक निरीक्षण किया गया। टीम को सूचना मिली थी कि पुराने आलू को एसिड और नुकसानदायक रसायनों से चमकाकर नया बनाकर बेचा जा रहा है। इस खेल में आलू के छिलके को एसिड से पतला किया जाता है और फिर लाल मिट्टी या गेरू से रगड़कर उसे नया आलू जैसा दिखाया जाता है। हालांकि छापेमारी के दौरान टीम को ऐसा कोई आलू नहीं मिला, लेकिन प्रश्न यह उठने लगा है कि क्या अब आलू भी मिलावटी हो गया है?
कैसे होता है यह खेल?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पुराने आलू को पहले एसिड से धोकर उसका छिलका हल्का उधाड़ दिया जाता है। इसके बाद उस पर मिट्टी या गेरू रगड़ दी जाती है ताकि वह एकदम ताजे आलू जैसा दिखाई दे। कई बार व्यापारी इन आलुओं को कुछ समय छांव में सुखाकर बाजार में बेचने के लिए तैयार कर देते हैं। यह काम केवल आलू तक सीमित नहीं है, बल्कि अदरक और चुकंदर जैसी सब्जियों के साथ भी ऐसा किया जाता है।
पहचान कैसे करें वास्तविक और नकली आलू?
विशेषज्ञ दीपक शर्मा बताते हैं कि कुछ आसान उपायों से वास्तविक और नकली आलू की पहचान की जा सकती है।
छिलका- एसिड से साफ किया आलू का छिलका बहुत पतला और साफ दिखाई देता है। यह देखने में बहुत चमकदार होता है, जबकि वास्तविक नया आलू प्राकृतिक ढंग से हल्का उधड़ा हुआ और खुरदरा होता है।
पानी में डालने पर- नकली आलू पानी में हल्के हो जाते हैं और कई बार तैरने भी लगते हैं। वास्तविक आलू पानी में डूब जाते हैं।
सुगंध– वास्तविक आलू से प्राकृतिक सुगंध आती है जबकि केमिकल से तैयार आलू में मामूली दुर्गंध महसूस होती है।
रंग- नकली आलू का रंग बाहर और अंदर भिन्न-भिन्न होता है। वहीं वास्तविक आलू का रंग एक समान रहता है।
सेहत के लिए खतरनाक
एसिड और अन्य रसायनों से तैयार आलू स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक होते हैं. इनका लंबे समय तक सेवन पाचन संबंधी समस्याओं और पेट के रोगों को जन्म दे सकता है। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर इस तरह की जांच करता है।
सतर्क रहने की जरूरत
ठंड के मौसम में बाजारों में नया आलू खूब बिकता है। ऐसे में खरीदारी करते समय लोगों को सावधान रहना चाहिए। आलू को ध्यान से देखकर उसकी पहचान करनी चाहिए ताकि केमिकल युक्त आलू से बचा जा सके। जानकारों की मानें तो आलू खरीदते समय उसके छिलके, रंग और सुगंध पर खास ध्यान देने से मिलावटी आलू से बचाव संभव है।

