अगर लिव-इन पार्टनर देता है धोखा, तो आपके पास होंगे ये अधिकार
एक समय ऐसा था कि विवाह से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे को पसंद करने के बाद भी मिलना तो दूर बात तक नहीं करते थे. फैमिली वाले विवाह तो फिक्स कर देते थे, लेकिन लाइफटाइम के लिए घर वालों की पसंद के पार्टनर के साथ बितता था, लेकिन अब समय और जमाना दोनों ही बदल चुके हैं. आजकल ज्यादातर लोग लिव इन रिलेशनशिप में रहना पसंद करते हैं.

इसका साफ मतलब है विवाह से पहले एक-दूसरे के साथ रहना, लेकिन इसमें फर्क बस इतना है कि लिव इन रिलेशनशिप में एक दूसरे को जानते हैं, समझते हैं और यदि कोई अच्छा लगता है, तो लाइफ साथ में स्पेंड करते हैं या एक-दूसरे का साथ पसंद नहीं आता है, तो भिन्न-भिन्न हो जाते हैं. बात यहां लिव इन रिलेशनशिप के नियमों के बारे में हो रही है, जिसकी जानकारी अधिकांश लोगों को नहीं होती है, इसके कारण उन्हें बाद में परेशानियां आती हैं, तो आइए आपको इसके बारे में जानकारी देते हैं-
रजिस्ट्रेशन महत्वपूर्ण है
इस कानून के बनने के बाद शादी, तलाक, उत्तराधिकार, लिव इन रिलेशनशिप जैसे मामलों पर नियम-कानून एक समान होंगे. नए कानून में लिव इन रिलेशन में रहने वाले कपल्स से होने वाले बेबी को भी संपत्ति पर पूरा अधिकार दिया गया है. लिव इन रिलेशनशिप में आने के बाद पुरुष अपनी स्त्री पार्टनर को विश्वासघात नहीं दे सकता है और यदि ऐसा कुछ होता है, तो स्त्री अपने पार्टनर से मुआवजे की मांग न्यायालय में पेश कर सकती है.
बिल में क्या है प्रावधान
नए कानून में लिव इन रिलेशनशिप से हुए बच्चे को सही माना गया है. इसके अतिरिक्त मर्दों को बच्चे के भरण पोषण की जिम्मेदारी उठानी होगी और अपनी जायदाद में से भी समान अधिकार देना होगा. उत्तराखंड राष्ट्र का पहला राज्य बन गया है, जिसमें नया कानून लागू होगा.
लिव इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- शादीशुदा लिव इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकता है.
- लिव इन रिलेशनशिप रजिस्ट्रेशन से पहले रजिस्ट्रार प्रार्थी की जांच करेंगे.
- रजिस्ट्रार को रजिस्ट्रेशन से पहले लिव इन कपल्स को बुलाने या पूछताछ करने का भी अधिकार रहेगा.
- लिव इन के रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस 30 दिन में पूरा होगा.
- लिव इन समाप्त होने की सूचना भी रजिस्ट्रार को देना कंपलसरी है.
- अगर आप लिव इन में नहीं रहना चाहते हैं, तो इसकी सूचना अपने पार्टनर को भी देनी होगी.
- जो लोग लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं, उन्हें पुलिस स्टेशन में भी जानकारी देनी होगी.
- अगर आप रजिस्ट्रेशन एक महीने के अंदर नहीं करा पाते हैं, तो आपको 3 महीने की कारावास और 10 हजार का जुर्माना लग जा सकता है.
- लिव इन रिलेशनशिप में कोई झूठी इंर्फोमेशन देता है, तो 3 महीने की कारावास और 25 हजार का जुर्माना हो सकता है.

