बिना खर्च के सुधारें मिट्टी का pH, वुड एश से दूर होंगे कीट और मिलेगा बेहतरीन टिकाऊ रिजल्ट
Add Wood Ash To Raise Soil pH : खेती या बागवानी करने वाले लोगों के लिए मिट्टी की स्थिति को समझना बहुत महत्वपूर्ण होता है। मिट्टी की क्वालिटी और उसमें उपस्थित पोषक तत्व सीधे तौर पर पौधों की स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। मिट्टी का pH यानी उसका अम्लीय या क्षारीय स्वभाव, पौधों की वृद्धि में अहम किरदार निभाता है। जब मिट्टी अधिक अम्लीय हो जाती है, तब पौधों की जड़ें पोषक तत्वों को ठीक से नहीं खींच पातीं। ऐसे में, लकड़ी की राख का इस्तेमाल एक प्राकृतिक तरीका के रूप में किया जा सकता है। मिट्टी का pH चेक करना, ठीक मात्रा का इस्तेमाल करना और राख को खाद के साथ मिलाकर डालना इसके सर्वोत्तम इस्तेमाल के ढंग हैं। इससे न सिर्फ़ मिट्टी सुधरेगी, बल्कि पौधे भी स्वस्थ और मजबूत होंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है pH की जांच?
लकड़ी की राख मिट्टी को क्षारीय बनाती है, यानी यदि आपकी मिट्टी पहले से ही क्षारीय है तो यह तरीका हानिकारक हो सकता है। इसलिए सबसे पहले मिट्टी का pH जांचना महत्वपूर्ण है। आजकल बाजार में pH जांचने वाली किट सरलता से मौजूद हैं। यदि pH स्तर 6 से कम है, तो मिट्टी अम्लीय मानी जाती है और वहां राख का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैसे करें राख का ठीक उपयोग?
1. थोड़ी-थोड़ी मात्रा से प्रारम्भ करें: राख को एक साथ अधिक मात्रा में डालना हानि पहुंचा सकता है। इसलिए हर बार थोड़ी मात्रा में डालें और कुछ समय बाद असर देखें।
2. खाद या कंपोस्ट के साथ मिलाएं: राख को सीधे मिट्टी में मिलाने की बजाय यदि आप इसे गोबर की खाद या कंपोस्ट के साथ मिलाकर डालते हैं, तो इसका असर धीरे-धीरे और संतुलित रूप से होता है।
3. सीधे मिट्टी पर भी फैला सकते हैं: यदि आपके पास खाद नहीं है तो आप राख को सीधे सूखी मिट्टी पर फैला सकते हैं। इसके बाद मिट्टी को पानी देना न भूलें ताकि राख ठीक से मिल जाए।
किन बातों का रखें ध्यान?
-हर मिट्टी के लिए नहीं: जिन पौधों को अम्लीय मिट्टी पसंद है, जैसे ब्लूबेरी या आज़ालिया, उनके पास राख डालने से हानि हो सकता है।
-फंगल समस्याओं से बचाव: राख में ऐसे तत्व होते हैं जो मिट्टी में उपस्थित फंगस और कीटों से लड़ने में सहायता करते हैं।
-पोषक तत्वों की भरपाई: लकड़ी की राख में पोटेशियम, कैल्शियम और थोड़ी मात्रा में फॉस्फोरस होता है, जो पौधों के लिए लाभ वाला होते हैं। लेकिन इसमें नाइट्रोजन नहीं होता, इसलिए अन्य खाद का भी इस्तेमाल करें।
कब न करें उपयोग?
अगर आपकी मिट्टी पहले से ही कठोर, सफेद परत वाली या क्षारीय है, तो राख डालना स्थिति को और बिगाड़ सकता है। साथ ही, ताजे राख का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना महत्वपूर्ण है कि उसमें कोई कोयले या प्लास्टिक के अवशेष न हों।

