गर्मी में इलेक्ट्रॉनिक मशीन की तरह दूध देंगे पशु, बस उनके चारे में मिलाएं ये चीज
छतरपुर जिला जहां ज्यादातर लोग खेती-किसानी का व्यवसाय करते हैं। साथ ही पशुपालन भी करते हैं। गर्मी का मौसम प्रारम्भ है तो अब चारे की परेशानी भी बढ़ती जा रही है। इसलिए किसान भाई अपने जानवरों को ऐसा भूसा भी खिला सकते हैं जिसे खिलाने के बाद आप चारा खिलाना भूल जाएंगे।

जिले के राजनगर तहसील के उमरिया गांव के 80 वर्षीय नत्थू पटेल बताते हैं कि पुराने जमाने में दुधारू पशुओं को जवा(जौ) का भूसा ही खिलाया जाता था क्योंकि यह पशुओं के दूध को तो बढ़ाता ही है साथ ही खून बढ़ाता है और पशुओं को ताकत देता है।
बरसीम चारा मिलना मुश्किल
नत्थू बताते हैं कि गर्मियों में बरसीम चारा मिलना कठिन हो जाता है इसलिए जवा भूसा पशुओं के लिए सबसे सबसे बढ़िया आहार है। हालांकि, ज्यादातर किसानों के पास जवा का भूसा नहीं मिलता है। लेकिन हम तो इसकी बोवनी करते हैं और इसी का भूसा खिलाते हैं। यदि नहीं रहता है तो किसी से जवा भूसा और जवा खरीदकर खिलाते हैं।
इन चीजों को मिलाकर बनाएं सानी
नत्थू बताते हैं कि 10 किलो जवा भूसा में डेढ़ से 2 किलो जवा आटा फुलाकर भूसा में मिलाकर सानी तैयार कर लें। यदि 2 भैंसें हैं तो एक-एक भैंस को 5-5 किलो सानी डाल दें। सुबह खिला दें फिर पानी पिलाकर एक बार फिर दोपहर में जवा भूसा की सानी बनाकर खिला दें।
3 दिन में ही बढ़ जाएगा दूध
नत्थू बताते हैं कि यदि आपके पशु का दूध गर्मी में कम होने लगता है तो जवा के भूसा में जवा आटा मिलाकर खिलाना प्रारम्भ कर दें तो गर्मी के मौसम में भी आपके पशु का दूध कम नहीं होगा।अगर आपका पशु 1 लीटर दूध देता है तो 3 दिन जवा भूसा और इसके आटे के साथ सानी बनाकर खिलाना प्रारम्भ कर देंगे तो 3 दिन बाद भी ही 1 से डेढ़ किलो दूध देने लगेगी। 15 दिन खिलाएंगे तो 16 वें दिन 1 से 2 किलो दूध देने लगेगी। साथ ही इस दूध में चिकनाहट बहुत रहती है जिससे इसमें घी भी बढ़िया निकलता है।

