इन योगासनों को रूटीन में शामिल करके बढ़ाएं एकाग्रता
किसी भी काम को अच्छी तरह से पूरा करने के लिए फोकस का होना महत्वपूर्ण है. हालांकि, कुछ लोगों में ध्यान और एकाग्रता की कमी होती है, जिसकी वजह से किसी भी काम को फोकस के साथ पूरी करना कठिन होता है. यदि एकाग्रता और फोकस की कमी है, तो आपको योग करना प्रारम्भ कर देना चाहिए. योग शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने में सहायता करता है. 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, ऐसे में इस दिन से पहले यहां जानिए एकाग्रता और फोकस बढ़ाने के लिए 5 योगासनों के बारे में-
1) चतुरंग दंडासन
ये एक बेहतरीन योगासन है जो एकाग्रता बढ़ाने में सहायता करता है. इससे मांसपेशियां भी मजबूत होती है. इस योगासन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं फिर अपने हाथों को आगे की ओर ले जाएं और अपने हाथों को कंधों के नीचे रखकर दंडासन में आ जाएं. फिर अपने पैरों को सीधा करें अब पैर के अंगूठे अंदर की ओर मोड़े लें. फिर सांस छोड़ते हुए अपनी कोहनियों को तब तक मोड़ें जब तक कि आपके कंधे आपकी कोहनियों के समान ऊंचाई पर न आ जाएं. अब सांस छोड़ें. प्लैंक पोज में आएं. अब इस पॉजिशन में कुछ देर के लिए रहें फिर पहली पॉजिशन में वापिस आ जाएं.
2) उत्कटासन
ये आसन जांघों को मजबूत करने, बाहों को टोन करने और ऊपरी पीठ को गतिशील बनाने में सहायता करती है. इस आसन को चेयर पोज भी किया जाता है. इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं. जैसे ही आप सांस लेते हैं, बाहों को ऊपर की ओर फैलाएं और अपनी उंगलियों को छत की ओर ले जाएं. जैसे ही आप सांस छोड़ें घुटनों को मोड़ें और कूल्हों को नीचे और पीछे फर्श की ओर झुकाएं. अब कंधे को बाहरी कांख की ओर घूमने दें. अंदर जांघों को पीछे और नीचे बेंड करें.
3) पद्मासन
इस आसन को करने से एकाग्रता में सुधार होता है. इसे करने के लिए पैरों को सामने की ओर फैलाकर योगा मैट या जमीन पर बैठ जाएं. इस दौरान रीढ़ की हड्डी सीधी को रखें. फिर दाहिने घुटने को मोड़े और बहिनी जांघ पर रख दें, इस दौरान पांव का तलवा ऊपर की ओर हो. अब यही प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ दोहराएं. दोनों पैरों को मोड़ें और पांव को उल्टा जांघो पर रखें. हाथों को मुद्रा स्थिति में घुटनो पर रखें. सिर सीधा और रीढ़ की हड्डी सीधी रहे. इसी स्थिति में रहकर गहरी सांस लेते रहें.
4) उष्ट्रासन
फोकस और शारीरिक मुद्रा में सुधार करने के लिए इस आसन को करें. ये सरल एनर्जी को भी बढ़ावा देता और थकान से लड़ने में सहायता कर सकता है. इसे करने के लिए अपने योग मैट पर घुटने के बल बैठ जाएं और कुल्हे पर दोनों हाथों को रखें. घुटने कंधो के समानांतर हो और पैरों ऊपर की तरफ हो. सांस लेते हुए पीछे की और जाएं. इस दौरान आपको नाभि की ओर खिंचाव महसूस करें. गर्दन पर बिना दबाव डालें, और बैठे रहें. इसी स्थिति में सांसे लेते रहे. सांस छोड़ते हुए अपने प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं. हाथों को वापस अपनी कमर पर लाएं और सीधे हो जाएं.
5) भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम सांस लेने की एक्सरसाइज है जिसमें आप सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी भिनभिनाने वाली ध्वनि निकालते हैं. ये आसन मन को शांत करने में सहायता करता है. यह याददाश्त के लिए अच्छा है और एकाग्रता बढ़ाता है. इसे करने के लिए एक शांत स्थान की तलाश करें और बैठने के लिए आरामदायक चटाई या कंबल बिछाएं. फिर बैठ जाएं और एक बार अपने बैठने की स्थिति में स्थिर हो जाएं तो अपनी आंखें बंद कर लें. अपने हाथों से कान बंद करने और अपनी नाक से सांस लेने के लिए अपनी तर्जनी का इस्तेमाल करें. गहरी सांस लें और मधुमक्खी जैसी भिनभिनाती आवाज निकालते हुए सांस छोड़ें. कम से कम 5 बार दोहराएं.

