क्या करवा चौथ पर पुरानी फोटो के साथ पूजा करना है उचित…
करवा चौथ सनातन धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस वर्ष करवा चौथ 20 अक्टूबर, 2024 को मनाया जाएगा. इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र एवं सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना के लिए व्रत करती हैं. यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भी रखा जाता है. वही पूजा के दौरान कई परंपराएं और रीति-रिवाज निभाए जाते हैं, जिनमें से एक करवा चौथ माता की फोटो के साथ पूजा करना भी है. इस सिलसिले में कई लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि क्या पुरानी फोटो के साथ पूजा करना उचित है तथा क्या इसका पति की उम्र पर कोई असर पड़ता है?

यदि महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख रही हैं तथा पूजा के लिए पुरानी फोटो का इस्तेमाल करना चाहती हैं, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. वे पुरानी फोटो के साथ भी करवा चौथ की पूजा कर सकती हैं. यदि वे नयी फोटो के साथ पूजा करना चाहती हैं, तो वह भी कर सकती हैं. यह मान्यता है कि यदि महिलाएं नयी फोटो के साथ पूजा करें, तो पुरानी फोटो को फेंकने के बजाय किसी नदी में प्रवाहित करें या जला कर उसकी राख को किसी पौधे की मिट्टी में मिला दें. इससे देवी-देवताओं का अपमान नहीं होता, न ही इसका किसी पर कोई नकारात्मक असर पड़ता है.
फोटो केवल एक प्रतीक है
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महिलाएं किसी भी देवी-देवता की फोटो के जरिए अपने पति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव महसूस करती हैं और पूजा के चलते उनकी उपस्थिति का अनुभव करती हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, फोटो पुरानी हो या नई, इसका विशेष असर नहीं पड़ता. पूजा का फल आदमी की भक्ति और श्रद्धा पर निर्भर करता है. मनोविज्ञान के मुताबिक, पुरानी फोटो देखने से सकारात्मक भावनाएं उत्पन्न होती हैं और यह मानसिक शांति प्रदान करती है.
सनातन धर्म में किसी भी देवी-देवता की फोटो के साथ पूजा करना पर्सनल विश्वास पर आधारित है. यदि आप पुरानी फोटो के साथ पूजा करने में अधिक आध्यात्मिक अनुभव करते हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है. आप नयी फोटो के साथ भी पूजा कर सकते हैं. पूजा के दौरान श्रद्धा और भक्ति से पूजा-अर्चना करें.

