लाइफ स्टाइल

बिहार में कम होते जा रहे जामुन, कटहल, बेल और नींबू के पेड़

कृषि विभाग की ओर से बुधवार को बामेती, पटना के बैठक भवन में सीड हब तथा बीज उत्पादन एवं उद्यानिक फसलों को लेकर परिचर्चा की गयी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने बोला कि जामुन, कटहल, बेल, नींबू का गुणवत्तापूर्ण पौधे बिहार में कम होते जा रहे है इसे नये क्षेत्र में बढ़ावा देने की जरूरत है प्रत्येक जिले में आवश्यकता के मुताबिक पौधों की उपलब्धता के लिए कार्य किया जा रहा है मखाना के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करने की बात कही बोला कि उद्यानिक फसलों से किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है सीएम के कृषि सलाहकार डॉ मंगला राय ने बोला कि फसलों का चयन जिले की भौगोलिक स्थिति और जलवायु के मुताबिक करें उन्होंने तकनीक पर आधारित बागवानी फसलों पर कार्य करने की राय दीNewsexpress24. Com download 8 8

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राज्य की जीडीपी में 19 प्रतिशत कृषि का योगदान

कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बोला कि राज्य में लगभग 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिक फसलों की खेती की जाती है जिसमें, वृद्धि की बड़ी संभावनाएं हैं राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का सहयोग 19 फीसदी है, जिसमें बागवानी का सहयोग लगभग 30 फीसदी है बोला कि बाजार की मांग के मुताबिक योजना बनाएं दक्षिण बिहार में आंवला तथा अमरूद का क्षेत्र विस्तार करना होगा अभी तक उद्यानिक फसलों की खेती उत्तरी बिहार तक ही सीमित थी

केला की डिमांडिंग प्रभेदों पर बन रहा प्लान

सचिव ने बोला कि राज्य के विशिष्ट केला मालभोग, चीनियां तथा बतीसा जैसे प्रभेदों के पौधरोपण सामग्री का प्रोटोकाॅल तैयार करने की ज़िम्मेदारी कृषि विश्वविद्यालयों को दी गयी है इन प्रभेदों के केला में पनामा बिल्ट बीमारी नहीं लगता है नौ प्रभेदों में पनामा बिल्ट एक परेशानी है मालभोग और बतीसा टेस्टी होने के कारण इसकी मांग अधिक है मौके पर कृषि निदेशक डॉ आलोक रंजन घोष, संयुक्त सचिव अनिल कुमार झा, संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह, निदेशक, उद्यान अभिषेक कुमार, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार, अपर निदेशक (शष्य) धनंजयपति त्रिपाठी, डॉ संजय कुमार, निदेशक, भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, मऊ आदि उपस्थित थे

सरकार कर रही सब्सिडी देने पर विचार

बिहार में खेती- किसानी करने वाले लोगों के लिए अच्छी-खबर है उन्हें बिहार गवर्नमेंट बागवानी करने पर बंपर सब्सिडी देगी इसके लिए सीएम नीतीश कुमार की गवर्नमेंट ने सारी तैयारी कर ली है नीतीश गवर्नमेंट का मानना है कि पारंपरिक फसलों के साथ- साथ यदि प्रदेश के किसान बागवानी की खेती करते हैं, तो उनकी आमदनी बढ़ जाएगी यही वजह है कि बिहार गवर्नमेंट ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अनुसार कटहल का रकबा विस्तार करने का प्लान बनाया है

ऐसे करें औनलाइन अप्लाई

खास बात यह है कि प्रदेश में कटहल की खेती करने पर गवर्नमेंट किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी राशि देगी इसके लिए गवर्नमेंट ने इकाई लागत प्रति हेक्टेयर 60 हजार रुपये निर्धारित की है इसके ऊपर से गवर्नमेंट किसानों को 50 प्रतिशत आर्थिक सहायता देगी यानि के यदि बिहार में किसान एक हेक्टेयर में कटहल की खेती करते हैं, तो उन्हें गवर्नमेंट की तरफ से 30 हजार रुपये फ्री में दिए जाएंगे बस इसके लिए किसानों को उद्यान निदेशालय के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा यदि किसान भाई इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, तो पर जाकर औनलाइन लागू कर सकते हैं

इस तरह उठाएं सब्सिडी का लाभ

बिहार गवर्नमेंट केवल कटहल की खेती पर ही सब्सिडी राशि नहीं दे रही है, बल्कि अन्य बागवानी फसलों की खेती के ऊपर भी बंपर आर्थिक सहायता दे रही है फिलहाल, बिहार गवर्नमेंट प्रदेश में जामुन का रकबा भी बढ़ाना चाहती है इसके लिए उसने किसानों को सब्सिडी देने का घोषणा किया है जो किसान योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, वे उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं

इकाई लागत 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की है

खास बात यह है कि कटहल की तरह जामुन की खेती के लिए भी बिहार गवर्नमेंट ने इकाई लागत 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की है यदि किसान भाई एक हेक्टेयर में जामुन की खेती करते हैं, तो उन्हें 60 हजार रुपये के ऊपर 50 फीसदी सब्सिडी मिलगी यानि कि किसानों को 60 हजार में से 30 हजार रुपये गवर्नमेंट की तरफ से फ्री में दिए जाएंगे ऐसे में किसानों को महज 30 हजार रुपये ही लोन के रूप में वापस करना होगा

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