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JEE vs NEET: ऐसे समझिए जेईई और नीट के बीच का फर्क

नई दिल्ली (JEE vs NEET) 12वीं के बाद राष्ट्र के टॉप इंजीनियरिंग या मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करना महत्वपूर्ण है जहां आईआईटी, एनआईटी जैसे टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज (Top Engineering College) में एडमिशन के लिए जेईई परीक्षा देनी होती है, वहीं टॉप मेडिकल कॉलेज में दाखिला नीट परीक्षा के स्कोर के आधार पर मिलता है (Top Medical College) कुछ राष्ट्रों के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए भी नीट क्वॉलिफाई करना जरूरी है

Iit jee vs neet

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जेईई और नीट को केवल राष्ट्र की ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं की लिस्ट में शामिल किया गया है (Most Difficult Exams in India) इन दोनों परीक्षाओं में शामिल होने के लिए 12वीं पास होना महत्वपूर्ण है जो स्टूडेंट्स करेंट ईयर में 12वीं बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं, वो भी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं जेईई और नीट, दोनों का सिलेबस एकदम अलग है साथ ही दोनों एंट्रेंस एग्जाम्स का फॉर्मेट भी एक-दूसरे से अलग है (Top Entrance Exams)

JEE Full Form: जेईई का फुल फॉर्म क्या है?
जेईई का फुल फॉर्म जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन है आईआईटी और एनआईटी जैसे टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन के लिए जेईई पास करना महत्वपूर्ण है इसमें मैथ, फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों पर फोकस किया जाता है जेईई में गणित के प्रश्न मुश्किल स्तर के होते हैं जेईई का प्रश्न पत्र लंबा होता है कई बार इसे हल करने में समय कम पड़ जाता है जेईई में निगेटिव मार्किंग की जाती है इसलिए स्टूडेंट्स को कोई भी प्रश्न अटेंप्ट करते समय सावधान रहना चाहिए

NEET Full Form: नीट का फुल फॉर्म क्या है?
नीट का फुल फॉर्म नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट है नीट का सिलेबस काफी व्यापक है इसमें जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिकी जैसे विषयों के प्रश्न पूछे जाते हैं नीट का प्रश्न पत्र भी काफी लंबा होता है इसे सॉल्व करने के लिए टाइम मैनेजमेंट सीखना महत्वपूर्ण है नीट एक मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम है इसमें जीव विज्ञान के मुश्किल प्रश्न पूछे जाते हैं हर वर्ष 10 लाख से अधिक स्टूडेंट्स नीट देते हैं इससे इसमें कॉम्पिटिशन लेवल बढ़ जाता है

Difference between JEE and NEET: जेईई और नीट में क्या अंतर है?
जेईई इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम है (Engineering Entrance Exam), जबकि नीट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम (Medical Entrance Exam) जेईई और नीट में कई तरह के अंतर हैं 12वीं के बाद हायर एजुकेशन की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को इन अंतरों की जानकारी होनी चाहिए इससे करियर के लिए ठीक निर्णय लेना आसान हो जाएगा

1. उद्देश्य
– जेईई: इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर कॉलेजों में एडमिशन
– नीट: मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन

2. पाठ्यक्रम
– जेईई सिलेबस (JEE Syllabus): गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान
– नीट सिलेबस (NEET Syllabus): जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिकी और वनस्पति विज्ञान

3. प्रवेश संस्थान
– जेईई: आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेज
– नीट: एम्स, मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेज

4. एग्जाम फॉर्मेट
– जेईई: औनलाइन परीक्षा
– नीट: ऑफलाइन परीक्षा

5. एग्जाम पैटर्न
– जेईई (JEE Exam Pattern): वस्तुनिष्ठ प्रश्न
– नीट (NEET Exam Pattern): वस्तुनिष्ठ प्रश्न और विशेष प्रश्न

6. समय अवधि
– जेईई (JEE Time Limit): 3 घंटे
– नीट (NEET Time Limit): 3 घंटे

7. नकारात्मक अंकन
– जेईई (JEE Marking Scheme): हां
– नीट (NEET Marking Scheme): हां

8. पात्रता मानदंड
– जेईई (JEE Eligibility Criteria): 10+2 स्तर की परीक्षा में 75% अंक
– नीट (NEET Eligibility Criteria): 10+2 स्तर की परीक्षा में 50% अंक

9. उम्र सीमा
– जेईई (JEE Age Limit): 25 वर्ष
– नीट (NEET Age Limit): 25 साल (एससी/एसटी के लिए 30 वर्ष)

10. परीक्षा तिथि
– जेईई (JEE Exam Date): वर्ष में दो बार
– नीट (NEET Exam Date): वर्ष में 1 बार (मई)

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