लाइफ स्टाइल

चार सालों बाद एक बार फिर से होने जा रहा है JNUSU इलेक्शन

चार वर्षों बाद एक बार फिर से जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) इलेक्शन होने जा रहा है. इसके लिए 22 मार्च को वोटिंग होगी और 24 मार्च को परिणाम घोषित किए जाएंगे. इस बार कुल 7751 स्टूडेंट वोट करेंगे. कैंडिडेट्स के पास तीन दिन प्रचार करने का समय है. 18 से 20 मार्च तक पुरजोर ढंग से प्रचार होगा. हर बार की तरह इस बार भी JNUSU इलेक्शन की वोटिंग बैलेट पेपर पर होगी.

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प्रेसिडेंट सहित चार सेंट्रल पदों के लिए लड़ेंगे 19 प्रत्याशी

JNUSU इलेक्शन कमिटी ने शनिवार 16 मार्च को JNUSU इलेक्शन के लिए आखिरी प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की. चार पदों के लिए 19 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं. प्रेसिडेंट के लिए 8, वाइस प्रेसिडेंट के लिए 4, सेक्रेटरी के लिए 4 और जॉइंट सेक्रेटरी के लिए 3 कैंडिडेट अपना दम-खम दिखा रहे हैं. इसके अलावा, 42 काउंसलर के पदों के लिए सभी विद्यार्थी संगठनों ने 111 प्रत्याशियों को उतारा है.

लेफ्ट का यूनाइटेड पैनल चुनाव मैदान में

इस बार फिर से JNUSU इलेक्शन में लेफ्ट ने यूनाइटेड पैनल लड़ रहा है. आइसा (AISA), एसफआई (SFI), डीएसएफ (DSF) और एआईएसएफ (AISF) ने संयुक्त पैनल घोषित किया है. 2015 से लेफ्ट पार्टियां अलायंस के बाद यूनाइटेड लेफ्ट की एक यूनिट बनाकर चुनाव लड़ रही हैं. हालांकि, 2015 में आल इण्डिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISF) यूनाइटेड लेफ्ट का हिस्सा नहीं थी.

NSUI केवल दो सेंट्रल पोस्ट पर लड़ रहा

यूनाइटेड लेफ्ट के सेंट्रल पैनल में AISA ने प्रेसिडेंट, SFI ने वाइस प्रेसिडेंट, DSF ने सेक्रेटरी और AISF से जॉइंट सेक्रेटरी पोस्ट पर अपना कैंडिडेट उतारा है. ABVP और BAPSA ने चारों सेंट्रल पैनल पर अपने कैंडिडेट घोषित किए हैं. वहीं, NSUI ने प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी पद पर अपना कैंडिडेट उतारा है. शेष प्रत्याशी निर्दलीय और अन्य दलों के हैं.

दलित समुदाय से आने वाले लेफ्ट यूनाइटेड पैनल की तरफ से प्रेसिडेंट कैंडिडेट धनंजय कहते हैं कि “ये चुनाव स्वयं आंदोलन का हिस्सा है.” वो बताते हैं कि हम आने वाले समय की लड़ई लड़ने जा रहे हैं. लेफ्ट ने 2019-20 में हुए फीस वृद्धि के विरुद्ध लंबा संघर्ष किया और उसे वापस लेने के लिए विवश कर दिया.

चुनावी मुद्दो को लेकर धनंजय कहते हैं कि सेल्फ फाइनेंसिंग, यूजीसी का फंड कट, BA और MA को मिलने वाली MCM स्कॉलरशिप को समाप्त करना, पीएचडी स्टूडेंट्स को मिलने वाले डेप्रिवेशन पॉइंट को खत्म करना, GSCASH का ठीक ढंग से इंप्लिमेंटेशन, नयी शिक्षा नीति 2020 और ABVP की गुंडागर्दी हमारे मामले हैं.

लेफ्ट क्यों यूनाइटेड है इस प्रश्न पर वो उत्तर देते हैं कि विद्यार्थी परिषद के साथ पूरा का पूरा यूनिवर्सिटी प्रशासन जुड़ा हुआ है. गवर्नमेंट जुड़ी है और आरएसएस की पूरी फौज उनके साथ है.

20 मार्च को होगी प्रेसिडेंशियल डिबेट

JNUSU इलेक्शन की सबसे खूबसूरत है और बहुचर्चित प्रेसिडेंशियल डिबेट 20 मार्च को झेलम लॉन में आयोजित की जाएगी. ये डिबेट JNU के कल्चर का खास हिस्सा है. प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट पूरी तैयारी के साथ इसमें भाषण देते हैं फिर उनसे भिन्न-भिन्न तरह के प्रश्न किए जाते हैं.

चुनाव लड़ने के लिए 2 वर्ष की छूट

इससे पहले यूनिवर्सिटी जनरल बॉडी (UGBM) ने मैंडेट दिया था कि JNUSU उम्र में 2 वर्ष की छूट दी जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि JNUSU इलेक्शन लड़ने के अधिकार से वंचित विद्यार्थियों को 2023-24 में JNUSU इलेक्शन लड़ने का मौका मिल सके.‘ यह कदम उन विद्यार्थियों को जेएनयू स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) चुनाव लड़ने का अवसर प्रदान करेगा, जो उम्र मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं. दरअलसल केविड 19 महामारी के चलते चार वर्षों तक चुनाव नहीं हुआ था.

आखिरी बार आइशी घोष बनी थीं प्रेसिडेंट

इससे पहले 2019 में JNUSU इलेक्शन हुआ था. इसमें यूनाइटेड लेफ्ट पैनल ने लगातार चौथे वर्ष जीत हासिल की थी. आइशी घोष प्रेसिडेंट चुनी गई थी. 13 वर्ष बाद अपना पहला SFI की तरफ से JNUSU का प्रसिडेंट बना था.

चार वर्षों से नहीं हुआ है JNUSU इलेक्शन

JNUSU इलेक्शन पिछली बार 2019 में हुआ था. कोविड महामारी के चलते यह चुनाव चार वर्षों तक नहीं हुआ था. वैसे इस वर्ष चुनाव हो रहा है तो ऐसे में सारे स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन पूरे सरेंडर के साथ लगे हुए हैं. कैंडिडेट हॉस्टल और कैंपस के ढाबों में जाकर स्टूडेंट्स से मुलाकात कर रहे हैं, अपने मुद्दों की जानकारी देने के साथ वोट मांगा रहे हैं.

सेंट्रल पैनल पर 141 कैंडिडेट ने अपना नॉमिनेशन फाइल किया

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (JNUSU) इलेक्शन के लिए नॉमिनेशन फाइल करने की डेट शुक्रवार, 15 मार्च थी. कैंडिडेट्स की फाइनल लिस्ट शनिवार को जारी की गई.

JNUSU इलेक्शन कमिटी के अनुसार, शुक्रवार रात तक प्रेसिडेंट के लिए 45, वाइस प्रेसिडेंट के लिए 43, सेक्रेटरी के लिए 44, जॉइंट सेक्रेटरी के लिए 38 और कॉउंसलर के लिए 258 कैंडिडेट ने नॉमिनेशन फाइल किया.

 

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