इन 5 उपायों से दुरुस्त रखें अपनी आँखें
Tips for Reducing Eye Strain: क्या आपकी आंखों में हमेशा चुभन रहती है या हमेशा आपकी आंखों से पानी की धार बहती रहती है। इसका सबसे बड़ा कारण है स्क्रीन। आज के जमाने में जो लोग ऑफिस में काम करते हैं उन्हें 8 से 9 घंटे तक कंप्यूटर केसामने रहना पड़ता है। वहीं जो लोग अन्य काम करते हैं या स्टूडेंट्स है, उनमें से अधिकतर हमेशा मोबाइल की स्क्रीन में चिपके रहते हैं।

इससे धीरे-धीरे आंखों की रोशनी धुंधली होने लगती है और आंखों में तेज चुभन होती है। हालांकि आंखों में चुभन, दर्द और पानी निकलने के कई कारण होते हैं, इसलिए सभी को यह जानना चाहिए कि इसके क्या-क्या कारण हैं और इससे कैसे निपटना चाहिए।
आंखों पर बल पड़ने के कारण
हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार आंखों में इस कठिनाई के कई कारण होते हैं। यदि कोई लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए कंप्यूटर, टैबलेट, सेल टेलीफोन या टीवी देखनता है तो उनकी आंखों पर बहुत बल पड़ता है और इससे कई तरह की परेशानियां होती है। इसके अतिरिक्त लंबे समय तक गाड़ी चलाने, लगातार पढ़ने, शिल्पकार वाला काम, सूई वाले काम या बारीक काम करने वालों में इस तरह की परेशानी होती है। वहीं यदि आप छोटे फॉन्ट या प्रिंट में लगातार देर तक पढ़ते हैं तो इससे भी आंखों पर अधिक बल पड़ता है। इन सबके अतिरिक्त मंद रोशनी में पढ़ने या बहुत तेज रोशनी या चमक में पढ़ने से भी आंखों पर बहुत अधिक बल पड़ता है। इसके अतिरिक्त आंखों में सीधे ड्राई हवा का प्रवाह, डिजिटल स्क्रीन पर धूल या धुंध, गाड़ी चलाते समय खराब मौसम और गलत प्रिस्क्रिप्शन वाले चश्मे या कांटेक्ट लेंस को पहनने से आंखों पर बहुत अधिक बल पड़ता है।
आंखों पर बल पड़ने के लक्षण
जब आंखों पर बहुत अधिक बल पड़ता है तो आंखों में ड्राईनेस होने लगता है और आंखों से खूब पानी निकलने लगता है। इसके साथ ही धुंधली दृष्टि या फोकस करने में कठिनाई, आंखों में थकान, दर्द, चुभन, खुजली, जलन, आंखों की मांसपेशियों में ऐंठन, सिर दर्द, तेज रोशनी में आंखों में दर्द, शरीर में थकान आदि की समस्याएं होने लगती है।
आई स्ट्रैन को कम करने के अचूक उपाय
1. नियमित ब्रेक लें-चाहे आप कंप्यूटर पर काम कर रहे हों या मोबाइल पर नजरें टिकाकर समय काट रहे हों, नियमित ब्रेक लें। इसमें 20-20-20 नियम का पालन करें। यानी हर 20 मिनट में, 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज़ को देखें। दो घंटे या 100 मील की लगातार ड्राइविंग के बाद ब्रेक लें, इससे पहले भी जरूर पड़ने पर ब्रेक लें।
2. आंखों की सतह को नम रखें-हम प्रिंट पढ़ते समय या डिजिटल स्क्रीन देखते समय आंखों को कम झपकते हैं। आंखों को जल्दी-जल्दी झपकें। लंबे समय तक ड्राइविंग या डिजिटल स्क्रीन देखने के दौरान कृत्रिम आंसू का इस्तेमाल करें। कंप्यूटर का इस्तेमाल करते समय कांटेक्ट लेंस की बजाय चश्मा पहनें या आराम देने वाले ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। जब ड्राइविंग करें तो एयर वेंट्स को अपनी आंखों से दूर रखें। सर्दियों में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
3. साफ-साफ देखें-किसी भी अक्षर या तस्वीर को साफ-साफ देखने की प्रयास करें। कोई भी चीज धुंधली दिखाई दे तो न देखें। इस स्थिति में या तो चश्मा पहनें या उसे पढ़े ही नहीं। दिन में तेज़ चमक को पोलराइज्ड सनग्लासेस से कम करें।
4. स्क्रीन को ठीक स्थान पर रखें-कंप्यूटर स्क्रीन को अपने चेहरे से 20 से 26 इंच की दूरी पर रखें और स्क्रीन का केंद्र आंखों के स्तर से थोड़ा नीचे रखें। कंप्यूटर स्क्रीन को खिड़कियों से आने वाली चमक या ऊपर से आने वाली रोशनी से बचाकर रखें।चमकदार स्क्रीन द्वारा उत्पन्न चमक को कम करने के लिए मैट स्क्रीन फ़िल्टर का इस्तेमाल करें। स्क्रीन की ब्राइटनेस और कमरे की रोशनी को लगभग एक ही स्तर पर समायोजित करें। ऑन-स्क्रीन कंट्रास्ट बढ़ाएं। ऐसे प्रिस्क्रिप्शन कंप्यूटर चश्मे का इस्तेमाल कर सकते हैं जो लगभग 25 इंच दूर फोकस करने के लिए डिज़ाइन किए गए हों। एक आरामदायक कुर्सी पर बैठें, जो अच्छी मुद्रा को बढ़ावा देती हो। इसमें पैर जमीन पर सपाट हों और हाथों को सहारा मिले।

