रॉकेट लॉन्च से धरती की Ozone Layer को कितना नुकसान पहुंचता है, जाने…
Damaging the Ozone Layer: आज पूरे विश्व के तमाम राष्ट्र और उनकी स्पेस एजेंसिया अंतरिक्ष को जीत करने की रेस में लगी हुई हैं। अमेरिका, चीन और रूस जैसे राष्ट्र हर वर्ष सैंकड़ों रॉकेट लॉन्च कर रहे हैं। ज्यादातर रॉकेट लॉन्च उत्तरी गोलार्ध से किए जाते हैं। बता दें कि, अकेले 2024 में ही 258 रॉकेट छोड़े गए जिनकी संख्या आने वाले समय में बढ़ सकती है।

ओजोन लेयर को खतरा
क्या आप जानते हैं कि रॉकेट लॉन्च से धरती की Ozone Layer को कितना हानि पहुंचता है। ये ओजोन लेयर ही है जिसकी वजह से हम सूर्य की घातक यूवी किरणें(Ultraviolent Rays)से बचे रहते हैं। रॉकेट लॉन्च होने के बाद उनसे निकलने वाली गैस और कण ओजोन लेयर को पतला कर देते हैं जो चिंताजनक विषय है।
रॉकेटों की संख्या
फिलहाल अभी तक को रॉकेट की संख्या सीमित है और इन्हें बहुत अधिक मात्रा में लॉन्च नहीं किया जाता फिर भी यह ओजोन परत को अच्छा-खासा हानि पहुंचाते हैं। जैसे-जैसे Rocket Launch की संख्या में बढ़ोतरी आती जाएगी वैसे-वैसे ही खतरा बढ़ता जाएगा। इसको लेकर हाल ही में एक डराने वाली रिसर्च सामने आई है।
नई रिसर्च में खुलासा
हाल में हुई एक नयी रिसर्च के मुताबिक यदि हर वर्ष 2000 रॉकेट्स को लॉन्च किया जाता है तो Ozone Layer के 3 फीसदी तक पतली होने का खतरा बढ़ जाएगा। यह रिसर्च रॉकेटों से निकलने वाले रसायनों की जानकारी को वायुमंडल और जलवायु के मॉडल में डालकर की गई थी। इस शोध से पता चला कि सबसे अधिक हानि होने की आसार अंटार्कटिका में हो सकता है।
सैटेलाइट्स का जाल
अब कई कंपनियां पृथ्वी की निचली कक्षा में सैटेलाइट्स का जाल बिछा रही हैं। इसके लिए बार-बार रॉकेट लॉन्च करने की आवश्यकता पड़ती है। ये सैटेलाइट्स इंटरनेट से लेकर नेविगेशन जैसे कई चीजों में काम आती हैं। इनकी संख्या बढ़ने से ओजोन लेयर को और खतरा बढ़ सकता है। हालांकि अभी तक Ozone Layer में गंभीर हानि देखने को नहीं मिले हैं लेकिन यदि ऐसे ही चलता रहा तो दिक्कतें जरूर आ सकती हैं। ऐसे में ये भी बोला जा सकता है कि अंतरिक्ष जीतने की जिद में आदमी स्वयं ही अपनी कब्र खोद रहा है।

