जानें, किस तरह उज्जैन में लोगों को सांप से बचा रहा है तेल…
वैसे तो महाकाल की नगरी उज्जैन अपने कई अलौकिक रहस्यों से भरी हुई है, लेकिन कुछ मान्यताएं और दंतकथाएं स्वयं में अध्ययन का विषय हो जाती हैं। आमतौर पर लोग सांपों से न केवल डरते हैं बल्कि खास पर्व पर पूजन अर्चन भी करते हैं। विरोधाभाष के इस विशेष स्थिति में उज्जैन में एक अनूठी मान्यता प्रचलित है, जहां बच्चों के बालों में ऑयल लगाकर सांपों से उनकी सुरक्षा की जाती है।

22 जुलाई 2024 से भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने का माह सावन प्रारम्भ हो रहा है। वहीं उनके गले में शोभायमान भुजंग यानि नाग की उतनी ही पूजा अर्चना की जाती है जितनी महादेव की होती है। इसी महीने में एक दिन नाग पंचमी नाग देवता के लिए पूरी तरह से समर्पित होती है। इस दिन हर सनातनी के द्वारा घर में मंदिर में इनकी पूजा की जाती है। इस वर्ष 9 अगस्त को नाग पंचमी है यह सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है।
बालों में ऑयल लगाने से नहीं काटता सांप
बता दें कि नाग पंचमी के अवसर पर बच्चों के बालों में ऑयल लगाने की परंपरा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में देखी जाती है। इस परंपरा का पालन उज्जैन जिले के कई गांवों में किया जाता है, लेकिन इनमें से एक प्रमुख गांव बड़नगर है। बड़नगर गांव नाग पंचमी के अवसर पर बच्चों के बालों में ऑयल लगाने की परंपरा के लिए मशहूर है। यहां के निवासी नाग पंचमी के दिन विशेष रूप से सरसों का ऑयल बच्चों के बालों में लगाते हैं। इस परंपरा का पालन करते हुए, वे मानते हैं कि इससे नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है और बच्चे सर्पदंश से सुरक्षित रहते हैं।
क्या है परंपरा का महत्व
बच्चों के बालों में ऑयल लगाने का उद्देश्य उन्हें सर्पदंश से बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक यह परंपरा धार्मिक आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहां नाग देवता की पूजा कर उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। बड़नगर के अलावा, उज्जैन जिले के अन्य गांवों में भी इस प्रकार की परंपराएं प्रचलित हैं। नाग पंचमी के इस विशेष अवसर पर पूरे गांव में हर्षोल्लास और श्रद्धा का माहौल होता है।

