जानें, ज्योतिष शास्त्र के अनूसार कैसे मूलांक बदल सकता है आपका जीवन…
जब बच्चा जन्म लेता है तो उसके माता पिता बच्चे के जन्म की तारीख, समय और जगह को अपनी निजी जानकारी में दर्ज कर लेते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बच्चे की जन्म तिथि का उसके आने वाले भविष्य पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। अंक ज्योतिष गणना के मुताबिक बच्चा जिस तिथि को जन्म लेता है उस तिथि से ही मूलांक प्राप्त होता है। माना जाता है कि मूलांक से बच्चे के जीवन की हालात का संभावना व्यक्त किया जा सकता है। यदि बच्चे का जन्म 1 से लेकर 9 तारीख तक हुआ है तो अंक ज्योतिष के क्रमानुसार उसका मूलांक निकालना काफी सरल होता है लेकिन यदि बच्चे की जन्म तारीख में दो अंक हैं तो मूलांक निकालने के लिए दोनों अंको को जोड़ा जाता है जिसकी संख्या 1 से 9 तक आती है।

हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित शशांक शेखर शर्मा ने लोकल 18 को कहा कि अंक ज्योतिष में मूलांक जन्म की तारीख से निकाला जाता है। जिस तारीख को बच्चों का जन्म हुआ हो उसे जोड़कर मूलांक प्राप्त होता है। उदाहरण के लिए यदि किसी बच्चे का जन्म 23 तारीख को हुआ है तो उसका 2+3= 5 मूलांक होगा। यदि किसी बच्चे का जन्म 3 तारीख को हुआ हैं तो उसका मूलांक 3+0= 3 होंगा। पंडित शशांक शेखर शर्मा बताते हैं कि कुछ व्यक्तियों को दुविधा रहती है की मूलांक पूरी जन्म तिथि यानी तारीख, महीना और वर्ष सभी को जोड़कर निकाला जाता है। अंक ज्योतिष के मुताबिक पूरी जन्म तिथि को जोड़ कर जो संख्या प्राप्त होती है उसे भाग्यांक कहते हैं।
मूलांक दर्शाता है आदमी का व्यक्तित्व
पंडित शशांक शेखर शर्मा आगे बताते हैं की मूलांक किसी बच्चे या आदमी के चरित्र को दर्शाता है जिससे यह मालूम होता है कि उसके भविष्य में आगे क्या होगा। यदि किसी आदमी का मूलांक पांच (5) है और काफी मेहनत करने के बाद भी उसको अच्छे रिज़ल्ट प्राप्त नहीं हो रहे हैं तो आदमी को सरल तरीका यह करना चाहिए की अपने मूलांक के स्वामी ग्रह के रत्न या उपरत्न को विधि मुताबिक धारण करें। यदि आप मूलांक के स्वामी ग्रह को मजबूत करना चाहते हैं तो उनके निमित्त विशेष तरीका धार्मिक क्रिया या कर्मकांड आदि करने से आपको शुभ फल प्राप्त होगा। वहीं अपने मूलांक के स्वामी ग्रह के निमित्त मंत्रो का जाप, हवन आदि का करने से भी विशेष फायदा की प्राप्ति होती हैं।
यह होते हैं मूलांक के ग्रह स्वामी
(1)। मूलांक 1 के स्वामी सूर्य ग्रह होते है। जिन बच्चों का मूलांक 1 होता है वह महत्वाकांक्षी, आत्मविश्वास से भरे हुए और हर कार्य को करने वाले होते हैं।
(2)। मूलांक 2 के स्वामी ग्रह चंद्रमा होते हैं। जिन बच्चों का मूलांक 2 होता है वह शांत स्वभाव, कला प्रेमी, संवेदनशील होते हैं।
(3)। मूलांक 3 का स्वामी ग्रह बृहस्पति होते हैं। जिन जातकों का मूलांक 3 होता है वह ज्ञान से भरपूर, बुद्धिमान और धार्मिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।
(4)। मूलांक 4 के स्वामी ग्रह राहु होते हैं। जिन बच्चों का मूलांक 4 होता है वह आत्मनिर्भर, तार्किक और वैज्ञानिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।
(5)। मूलांक 5 के स्वामी ग्रह बुध होते हैं। जिन जातकों का मूलांक 5 होता है वह संवाद करने में निपुण, व्यापार आदि करने में सक्षम होते हैं।
(6)। मूलांक 6 के स्वामी ग्रह शुक्र होते हैं। जिन जातकों का मूलांक 6 होता है वह सौंदर्य, कलात्मक, फैशन और सुंदरता से जुड़े हुए उत्पादों का कार्य करते हैं।
(7)। मूलांक 7 के स्वामी ग्रह केतु होते हैं। जिन जातकों का मूलांक 7 होता है वह आध्यात्मिक और चिंतन शील वाले होते हैं। इन्हें विज्ञान में रुचि होती है।
(8)। मूलांक 8 के स्वामी ग्रह शनि होते हैं। जिन जातकों का मूलांक 8 होता है वह निडर, सख्त परिश्रम, अनुशासन में रहने वाले और गंभीर चिंतन करने वाले होते हैं।
(9)। मूलांक 9 के स्वामी ग्रह मंगल होते हैं। जिन जातकों का मूलांक 9 होता है वह साहसी, जुझारू, निडर और ऊर्जा से भरपूर होते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मूलांक का यदि अशुभ या प्रतिकूल असर पड़ रहा है तो इसके लिए ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के निमित्त रत्न धारण करना, उनके निमित्त मंत्रो का जाप करना, ग्रहों की शांति के लिए दान करना आदि बहुत से तरीका हैं जिनको करने के बाद आदमी को मूलांक का शुभ और अच्छा फल प्राप्त होता हैं।

