लाइफ स्टाइल

जानें, कैसे द‍िमाग बन जाता है इच्छाओं को पूरा करने वाला देवता…

बॉलीवुड के प्रसिद्ध कपल दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह 8 सितंबर को पेरेंट्स बने दीपिका ने बेटी को जन्म दिया रणवीर सिंह को हमेशा से बेटी का पिता बनना था, यह बात वह कई चैट शोज में कह चुके हैं एक अवॉर्ड शो में उन्होंने पत्नी दीपिका पादुकोण को अपने ‘घर की लक्ष्मी’ बताया रणवीर को बेटियां पसंद है और वह उन्हें लक्ष्मी का रूप मानते हैं जब वह स्वयं एक बेटी के पापा बन चुके हैं तो सोशल मीडिया पर इसे उनकी मेनिफेस्टेशन से जोड़ा जा रहा है मेनिफेस्टेशन क्या होता है, इससे पहले बताते हैं कि लड़कियों को क्यों कहते हैं घर की लक्ष्मी?

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 बेटियों का है जमाना
रणवीर सिंह-दीपिका पादुकोण से पहले रिचा चड्ढा-अली फैजल ने भी बेटी के पेरेंट बन चुके हैं रणवीर सिंह-आलिया भट्ट, निक जोनस-प्रियंका चोपड़ा जोनस, अनुष्का शर्मा-विराट कोहली, शाहिद कपूर-मीरा राजूपत, वरुण धवन-नताशा दलाल और बिपाशा बसु-करण सिंह ग्रोवर को भी बेबी गर्ल है फिल्में समाज का आइना होती हैं और सेलिब्रिटी रोल मॉडल उन्हें देखकर अब लोग भी बेटियों की ख्वाहिश करने लगे हैं नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) में  अधिकांश लोगों ने माना कि परिवार में 1 बेटी का होना महत्वपूर्ण है 2022 में हुए आर्थिक सर्वेक्षण में लिंग अनुपात में सुधार हुआ 2019-21 में हर 1000 मर्दों पर स्त्रियों की संख्या 1020 हो गई  

क्यों होती हैं लड़कियां घर की लक्ष्मी
पंडित  उमेश पांडे कहते हैं कि लड़कियों को मां दुर्गा का रूप माना जाता है तभी नवरात्रों में कन्या पूजन किया जाता है उनका एक रूप मां लक्ष्मी भी है एक कहावत भी है कि भगवान का वास वहां होता है जहां स्त्रियों की इज्जत होती है स्त्रियों को ताकतवर माना जाता है क्योंकि उनमें ब्रह्मांड की ऊर्जा होती है तभी वह संतान को जन्म देती हैं साथ ही उनका फाइनेंशियल मैनेजमेंट मर्दों के मुकाबले अच्छा होता है स्त्रियों के हाथों में बरकत होती है यदि उन्हें 100 रुपए खर्च करने को दिए जाएं तो वह उसमें से भी 50 रुपए बचा लेती हैं वहीं, हिंदू शास्त्रों के मुताबिक मर्दों को भगवान विष्णु और स्त्रियों को लक्ष्मी का रूप माना गया है इसलिए लड़कियों को घर की लक्ष्मी बोला जाता है    

क्या सच में होता है मेनिफेस्टेशन
गूगल पर मेनिफेस्टेशन शब्द लिखेंगे तो 80 करोड़ से अधिक परिणाम दिखेंगे न्यूमेरोलॉजिस्ट और ऑकल्ट साइंस एक्सपर्ट क्षिप्रा शर्मा कहती हैं कि मेनिफेस्ट करने का मतलब है स्वयं से किया हुआ गोपनीय प्रॉमिस इसकी प्रक्रिया लॉ ऑफ अट्रैक्शन थ्योरी पर आधारित है इसमें आदमी अपनी इच्छाओं को बोलकर, देखकर या लिखकर यूनिवर्स को अपनी ख़्वाहिश जाहिर करता है और इस ख़्वाहिश को बार-बार दोहराता है ताकि उनकी सोची या बोली गई ख़्वाहिश शीघ्र पूरी हो मेनिफेस्टेशन एक विश्वास है जो आदमी को आशावादी और मेहनत करने का जज्बा देता है इससे आदमी के अंदर आत्मविश्वास पैदा होता है क्योंकि वह बार-बार स्वयं के बारे में पॉजिटिव चीजें बोलता और सोचता है इससे लोगों का स्ट्रेस भी कम होता है

स्कूलों में मेनिफेस्टेशन?
सोशल मीडिया पर भले ही मेनिफेस्टेशन शब्द खूब वायरल हो रहा है और कई लोगों के लिए यह चीज नयी हो लेकिन विद्यालयों में यह टेक्नीक बहुत पुरानी है बच्चों से सुबह प्रेयर के बाद अक्सर यह लाइनें बुलवाई जाती हैं- मैं स्वस्थ हूं, मैं सुंदर हूं, मैं हर काम कर सकता हूं, मैं ताकतवर हूं…यह सब पॉजिटिव बातें मेनिफेस्टेशन का ही हिस्सा हैं जो बच्चों के कॉन्फिडेंस को बढ़ाती हैं 

मेंटल हेल्थ अच्छी होती है?
मनोचिकित्सक डाक्टर राजीव मेहता कहते हैं कि इच्छाओं को पूरा करने में सबकॉन्शियस माइंड बहुत अहम किरदार निभाता है जब कोई चीज बार-बार बोली जाए या नजर आए तो अवचेतन मन पर उसका गहरा असर पड़ता है सबकॉन्शियस माइंड जाने-अनजाने में उस चीज पर फोकस बढ़ा देता है और आदमी को अपने लक्ष्य पर ध्यान देने के लिए मोटिवेट करता है इस  प्रक्रिया से आदमी के मन से नेगेटिव ख्याल दूर होते हैं और वह पॉजिटिव सोचने लगता है  यह मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने का बेहतरीन तरीका है    

अनुष्का शर्मा और आलिया भट्ट ने मानी इसकी पावर
बॉलीवुड अदाकारा अनुष्का शर्मा ने एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि उनकी पहली फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ उन्हें मेनिफेस्टेशन से मिली इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनकी मम्मी अनुष्का को अदाकारा बनते हुए देखना चाहती थीं वह अपनी विश को लिखकर प्रत्येक दिन कछुए के नीचे रख देती थीं वहीं अपने ऑडिशन के दिनों में अनुष्का ‘द सिक्रेट’ नाम की पुस्तक पढ़ रही थी जिसमें लॉ ऑफ अट्रैक्शन के बारे में लिखा था वह बार-बार यशराज फिल्म्स के लोगो को दिमाग में विजुलाइज करती थीं जिससे उनका करियर बनाने के लिए फोकस और कॉन्फिडेंस बढ़ावहीं, आलिया भट्ट ने भी रणबीर कपूर से विवाह को मेनिफेस्ट किया था 

ग्रैटिट्यूड की भावना जागती है
हावर्ड हेल्थ और पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी बुलेटिन की एक स्टडी के मुताबिक जो लोग मेनिफेस्टेशन पर विश्वास करते हैं, उनमें ग्रिटीट्यूड की भावना बढ़ती है वह हर चीज के लिए स्वयं को लकी मानते हैं और यूनिवर्स को धन्यवाद कहते हैं ऐसे लोग हर चीज का आभार जताते है जिससे उनके मन में दया की भावना बढ़ती है

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