जानें फिक्स्ड डिपॉजिट करना कैसे है एक बेहतर सेविंग ऑप्शन
कम समय में मजबूत पोर्टफोलियो बनाने के लिए लोग सुरक्षित निवेश को नजर अंदाज कर हाई बाजार रिस्क और हाई रिटर्न की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं। लेकिन ऐसा करना आपको फाइनेंशियल रिस्क में डाल सकता है।हाई रिस्क और हाई रिटर्न की आशा करना गलत नहीं है, लेकिन यह जुआ की तरह नहीं होना चाहिए। आपका इन्वेस्टमेंट पुरी तरह से सोचा-समझा और बैलेंस्ड होना चाहिए। यह आपको बाजार के उतार-चढ़ाव और उससे होने वाली दिक्कतों से बचा सकता है।
रिस्क वाले इन्वेस्टमेंट सुन्दर लग सकते हैं, लेकिन वह हमेशा एक सुरक्षित निवेश हों ऐसा महत्वपूर्ण नहीं है। इसलिए, यहां हम आपको बता रहे हैं, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कैसे एक स्मार्ट सेविंग और इन्वेस्टमेंट ऑप्शन हो सकता है, कैसे यह आपके पोर्टफोलियो को मजबूत और रिस्क फ्री बना सकता है।
सुरक्षा के मुद्दे में बेहतर
सेफ इन्वेस्टमेंट हर बार दिखने में अच्छा हो यह जरुरी नहीं है। लेकिन यह स्थिरता, मानसिक शांति और लगातार रिटर्न देने वाला होता है। यह बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच आपको फाइनेंशियल हानि से बचाता है। साथ ही इकोनॉमिक अनसर्टेनिटी (अनिश्चितताओं) के असर को भी कम करता है।
FD एक विश्वसनीय सेविंग ऑप्शन है
सुरक्षित निवेश ऑप्शन के रुप में FD एक विश्वसनीय माध्यम है। आज बैंकों के पुराने ढंग नयी टेक्नोलॉजी के साथ मिल कर अधिक सुविधाजनक और सरल हो गए हैं। कॉर्पोरेट में कई ऐसे ऑप्शन हैं, जहां आप बिना किसी सेविंग एकाउंट के भी FD करा सकते हैं।
डिजिटल FD : एक सुविधाजनक ऑप्शन
कंपनियों के डिजिटल होने से FD की प्रोसेस सभी के लिए काफी सहज और सरल हो गई है। अब आप बिना किसी पेपर वर्क और ऑफिस विजिट के भी FD कर सकते हैं। आप घर बैठे या ट्रैवल करते समय भी FD की सारी प्रोसेस पूरी कर सकते हैं।
चॉइस और फ्लेक्सिबिलिटी चॉइस और फ्लेक्सिबिलिटी के मुद्दे में भी डिजिटल FD काफी बेहतर है। आज सेविंग ऑप्शन देने वाले प्लेटफॉर्म ग्राहकों की जरुरत और गोल के हिसाब से अपने सिस्टम को तैयार करते हैं। ग्राहक अब एक ही प्लेटफॉर्म पर भिन्न-भिन्न बैंकों की FD की दरों के बीच तुलना कर सकता है और अपने लिए बेहतर ऑप्शन चुन सकता है।
मार्केट के उतार-चढ़ाव का FD पर नहीं पड़ता फर्क
मार्केट का उतार-चढ़ाव सुरक्षित पोर्टफोलियो को भी खराब कर सकता है। ऐसे समय में FD जैसे निवेश सिक्योर सेविंग की तरह काम करते हैं और आपकी इनकम के फ्लो को बनाए रखते हैं। FD इन्वेस्टमेंट एक सेफ्टी नेट की तरह काम करता है, जिस पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं होता है। इसके अतिरिक्त यह लंबे समय की ग्रोथ के लिए भी सहायता करता है।
क्या है फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
FD एक तरह की टाइम सेविंग है, जिसे किसी निश्चित समय के लिए बैंक में जमा किया जाता है। इसके बदले बैंक आपको एक फिक्स्ड ब्याज देता है। FD की राशि और अवधि आप अपनी पसंद और जरुरत के हिसाब से चुन सकते हैं।
कितने वर्ष के लिए कराना है FD
FD कराते समय उसके टेन्योर (अवधि) को तय करने से पहले सोच विचार करना महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यदि निवेशक मेच्योरिटी से पहले राशि को विड्रॉल करते हैं, तो उन्हें जुर्माने का भुगतान करना होगा। FD मेच्योर होने से पहले उसे ब्रेक करने पर 1% तक की पेनल्टी देनी पड़ेगी। इससे डिपॉजिट पर कमाए जाने वाला कुल ब्याज कम हो सकता है। इसीलिए अधिक ब्याज के लालच में लम्बी अवधि की FD करने से बचना चाहिए।
एक ही FD में न लगाएं पूरा पैसा
यदि आप किसी एक बैंक में एफडी में 10 लाख रुपए का निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इसकी स्थान एक से अधिक बैंकों में 1 लाख रुपए की 9 FD और 50,000 रुपए की 2 FD में निवेश करें। इससे बीच में पैसों की आवश्यकता पड़ने पर आप अपनी आवश्यकता के हिसाब से FD को बीच में ही तुड़वाकर पैसों की प्रबंध कर सकते हैं। आपकी बाकी FD सेफ रहेंगी।

