जानें, दीपक वर्मा की पैदल यात्रा का मुख्य उद्देश्य
हिंदुस्तान विविधताओं में एकता का अद्भुत उदाहरण है। इसी संदेश को घर-घर तक पहुंचाने और राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधने के उद्देश्य से राजस्थान के कोटा प्रेम नगर निवासी 25 वर्षीय दीपक वर्मा ने 22,000 किलोमीटर की पैदल यात्रा का संकल्प लिया है। अपनी यात्रा के दौरान दीपक वर्मा गुमला पहुंचे, जहां क्षेत्रीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

राष्ट्रीय एकता और शांति
दीपक वर्मा ने अपनी पैदल यात्रा 25 मार्च 2023 को अपने निवास जगह कोटा से प्रारम्भ की। उनका उद्देश्य है जातिवाद और धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना।
दीपक ने बोला कि मेरा सपना है कि सभी लोग धर्म और जाति से ऊपर उठकर राष्ट्र की शांति और एकता के लिए काम करें। मैं अपनी यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच प्रेम और सद्भाव का संदेश देना चाहता हूं।”
यात्रा की खासियत
22,000 किलोमीटर की पैदल यात्रा:
यह यात्रा विश्व की सबसे लंबी पैदल यात्राओं में से एक है।
स्थानों का भ्रमण:
दीपक अपनी यात्रा के दौरान हिंदुस्तान के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल, मंदिरों, गुरुद्वारों और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा कर रहे हैं।
यात्रा की अवधि:
यह यात्रा 5 वर्ष लंबी है और 2028 में कोटा, राजस्थान के गणेश मंदिर में खत्म होगी।
अब तक का सफर
दीपक ने 1 वर्ष 9 महीने की यात्रा में अब तक कई राज्यों और नेपाल का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ की यात्रा पूरी कर झारखंड में प्रवेश किया है।
रोजाना 30-40 किलोमीटर पैदल
दीपक वर्मा ने कहा कि वह प्रतिदिन 30 से 40 किलोमीटर पैदल चलते हैं।
गर्मियों में सुबह 6 बजे और सर्दियों में सुबह 7:30 बजे अपनी यात्रा प्रारम्भ करते हैं।
रात के समय सुरक्षित जगह देखकर रुकते हैं या कैंपिंग टेंट लगाकर आराम करते हैं।
अपने साथ वह सभी महत्वपूर्ण सामान लेकर चलते हैं, जिसमें टेंट, कपड़े, और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल है।
पूर्व यात्राएं और अनुभव
दीपक के अनुसार, यह उनकी तीसरी पैदल यात्रा है।
इससे पहले वह कोटा से केदारनाथ, बद्रीनाथ, और महाकालेश्वर तक की 3,500 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं।
उन्होंने बोला कि इस यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न संस्कृतियों को समझने और लोगों के साथ संवाद करने का मौका मिला।
लोगों की सराहना और समर्थन
गुमला में दीपक के इस कोशिश को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने उनका समर्थन किया। लोगों ने बोला कि दीपक का यह कोशिश राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
दीपक की यात्रा ने लोगों को यह संदेश दिया कि छोटे कदमों से भी बड़े परिवर्तन लाए जा सकते हैं।
आगे की योजना
झारखंड से आगे दीपक की यात्रा असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात, और मध्य प्रदेश के रास्ते कोटा, राजस्थान में खत्म होगी।

