कोर्ट मैरिज करने से पहले जरूर जानें ये जरूरी नियम
कोर्ट मैरिज एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कानूनी ढंग से शादी संपन्न होता है। यह उन लोगों के लिए परफेक्ट है, जो विवाह करना चाहते हैं। इसके लिए कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स और शर्तें पूरी करनी होती हैं।

धनबाद के प्रसिद्ध अधिवक्ता संजय जी से इस विषय पर लोकल 18 से वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि न्यायालय मैरिज दो प्रकार की होती है। पहली बिफोर मैरिज (विवाह से पहले) और दूसरी आफ्टर मैरिज (विवाह के बाद)। आजकल कई युवक- युवतियां परिवार से दूर रहकर न्यायालय मैरिज करते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ लोग नौकरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं, वो भी न्यायालय मैरिज का रास्ता अपनाते हैं।
कोर्ट मैरिज करने के लिए लड़के की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होना जरूरी है। इसके अतिरिक्त दोनों पक्षों को अपने साथ कुछ डॉक्यूमेंट्स लाने होंगे।
ये होने चाहिए दस्तावेजआधार कार्ड
शैक्षणिक प्रमाण पत्र (मार्कशीट)
छह पासपोर्ट साइज फोटो
दो गवाहों की उपस्थिति और उनके पहचान पत्र
वहीं, गवाह आपके परिवार के सदस्य या फिर आपके दोस्त हो सकते हैं। गवाहों का होना जरूरी है, क्योंकि वे शादी को प्रमाणित करते हैं।
कानूनी रूप से मान्य माना जाता है विवाह
ये सभी दस्तावेजों को जमा करने और शर्तें पूरी करने के बाद न्यायालय में शादी संपन्न होता है। इसके बाद, शादी कानूनी रूप से मान्य माना जाता है, और आप पति- पत्नी के रूप में स्वीकार किए जाते हैं। यदि न्यायालय मैरिज होता है तो गांव समाज में किसी तरह का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि, यदि किसी कारणवश विवाह टूट जाती है और मुद्दा तलाक तक पहुंचता है तो शादी के समय मौजूद गवाहों को भी न्यायालय में पेश होना पड़ सकता है।

