जानें, पार्टनर की उम्र अधिक होने पर रिश्ते पर क्या पड़ता है प्रभाव…
प्रियंका चोपड़ा-निक जोनस, सैफ अली खान-करीना कपूर, शाहिद कपूर-मीरा कपूर, आलिया भट्ट-रणबीर कपूर…यह सब ऐसे सेलिब्रिटीज कपल हैं जिनकी उम्र में बहुत अंतर है। ऐज गैप रिलेशनशिप का ट्रेंड पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। इस तरह के संबंध में लड़के और लड़कियां मैच्योर पार्टनर चाहते हैं। ऐसे रिलेशनशिप के लाभ और हानि दोनों होते हैं।

लड़कियां चाहती हैं पापा जैसे पार्टनर
रिलेशनशिप एक्सपर्ट निशा शर्मा कहती हैं कि अक्सर लड़कियां अपने पापा की लाडली होती हैं। उनके लिए उनके पापा आइडियल मैन होते हैं। ऐसे में उन्हें अपने पार्टनर में पापा जैसी समझदारी चाहिए होती है जो उन्हें अपने हमउम्र लड़कों में देखने को नहीं मिलती। जब उन्हें अपनी उम्र से अधिक का कोई आदमी मिलता है और पापा जैसी सोच झलकती है तो वह एज गैप रिलेशनशिप में आने से संकोच नहीं करतीं। वैसे इस संबंध में मैच्योरिटी होती है तो पार्टनर एक-दूसरे की इज्जत करते हैं।
पार्टनर से अच्छी अंडरस्टैंडिंग
इस रिलेशनशिप में कपल्स के बीच अच्छी अंडरस्टैंडिंग होती है। जब एक पार्टनर परेशान होता है तो दूसरा उसकी भावनाओं को समझता है और उसे इमोशनली सपोर्ट करता है। ऐसे कपल्स के बीच इगो नहीं आती और ना ही वह एक-दूसरे पर दबाव बनाते। ऐसे कपल्स एक-दूसरे की समस्याओं को हल भी करते हैं।
माफ करने की हौसला होती है
हर रिश्ता तभी निभता है जब पार्टनर एक-दूसरे की गलती को माफ करके आगे साथ चले। जिन कपल्स के बीच उम्र का फासला होता है, उनमें एक-दूसरे को माफ करने की क्षमता होती है। जबकि जब कपल एक उम्र के होते हैं तो वह शीघ्र से एक-दूसरे को माफ नहीं करते। जब आदमी माफ करके जीवन में आगे बढ़ता है, पुरानी बातें उसे परेशान नहीं करतीं तो यह खूबी संबंध को खास बना देती है।
फाइनेंशियल सिक्योरिटी होती है
एक उम्र के बाद आदमी स्वयं का करियर बना लेता है और वह इस मुकाम पर पहुंच जाता है, जहां उसकी फाइनेंशियल कंडीशन अच्छी होती है। ऐसे में जब वह रिलेशनशिप में आता है तो वह जिम्मेदारी उठाने को तैयार होता है। वहीं यदि पार्टनर कम उम्र का हो तो उसे भी फाइनेंशियल सिक्योरिटी नजर आती है। ऐसे कपल्स के बीच पैसों को लेकर लड़ाई नहीं होती।
बच्चे की तरह बर्ताव करना
ऐज गैप रिलेशनशिप के लाभ हैं तो हानि भी हैं। कई बार ऐसे रिलेशनशिप में जो पार्टनर उम्र में बड़ा होता है, वह पैरेंट्स की तरह बर्ताव करने लगता है और रोकटोक करता है। ऐसे में सामने वाले को लगता है कि उसे बच्चा समझा जा रहा है और यह दोनों के बीच तनाव को बढ़ा देता है।
अलग-अलग शौक होने से तकरार
उम्र के साथ आदमी के शौक भी बदल जाते हैं। जो आदमी कम उम्र का होता है, उसे पार्टी करना, दोस्तों से मिलना, घूमना-फिरना, तेज म्यूजिक सुनना, ड्राइव करना पसंद होता है जबकि एक उम्र के बाद जब ठहराव आता है तो आदमी बदल जाता है। बड़ी उम्र के आदमी को घर पर समय बिताना, पैसों से जुड़ी बातें करना, घर का खाना अधिक पसंद आता है। ऐसे में उम्र और शौक की वजह से कपल्स के बीच लड़ाई हो सकती है।
इनफर्टिलिटी की दिक्कत
बढ़ती उम्र में शरीर भी ढलता है। ऐसे में यदि एक पार्टनर अधिक उम्र का हो तो उनकी इंटिमेसी पर फर्क पड़ता है। ऐसे कपल्स फिजिकली इंटिमेट नहीं हो पाते क्योंकि एक पार्टनर में यह ख़्वाहिश ही नहीं होती। वहीं, बढ़ती उम्र में इनफर्टिलिटी की भी परेशानी बढ़ती है जिससे ऐसे कपल्स के बच्चे होने में परेशानी हो सकती है।
ऐज गैप से कपल्स का डिवोर्स
जनरल ऑफ पब्लिक इकोनोमिक्स की स्टडी के मुताबिक जिन कपल्स के बीच उम्र का अधिक गैप होता है, वह अपनी विवाह से खुश नहीं होते। वहीं जिन कपल्स के बीच 3 वर्ष तक का गैप होता है, वह हैप्पी कपल होते हैं। द एटलांटिस की स्टडी में सामने आया कि ऐज गैप कपल्स के बाकी कपल्स के मुकाबले अधिक तलाक होते हैं।
रिलेशनशिप में कितना ऐज गैप ठीक
डीकन यूर्निवर्सिटी ने ऐज गैप रिलेशनशिप पर स्टडी की। इस स्टडी में सामने आया कि यदि कपल्स के बीच उम्र का बहुत अधिक अंतर हो तो वह संबंध की नींव को कमजोर कर देता है। इसकी वजह यह होती है कि दोनों व्यक्तियों की सोच में बहुत अंतर होता है। एक कपल के बीच 5 से 7 वर्ष अंतर ठीक होता है। यदि इससे अधिक का अंतर हो तो लाइफस्टाइल, सोच, मेंटल और फिजिकल कंडीशन दोनों के बीच परेशानी बन सकती है। वहीं, यदि कपल के बीच 0 से 3 वर्ष का फर्क हो तो यह रिश्ता भले ही मैच्योर ना हो लेकिन दोनों की सोच में अंतर नहीं होता। यही बात उनके संबंध को जिंदगीभर चला सकती है।

