जानें किस दिन मां दुर्गा के किस स्वरूप की होगी पूजा…
Shardiya Navratri 2024 : कुछ ही दिनों में नवरात्रि का पवन पर्व प्रारम्भ होने वाला है. नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा को समर्पित हैं. इस बार शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा पालकी पर विराजमान होकर आ रही हैं. मान्यताओं के अनुसार, जब भी नवरात्र की शुरूआत गुरुवार अथवा शुक्रवार से होती है, तो माना जाता है कि माता पालकी या डोली में आ रहीं हैं. नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की वकायदा पूजा करने का काफी महत्व है. आइए जानते हैं किस दिन मां दुर्गा के किस स्वरूप की पूजा होगी और घटस्थापना की सामग्री-

कब से प्रारम्भ है नवरात्रि: ज्योतिषाचार्य पंडित गौरीशंकर शर्मा के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्र आश्विन माह की प्रतिपदा तिथि 3 अक्टूबर दिन गुरुवार से प्रारम्भ हो रहे हैं. प्रतिपदा तिथि तीन अक्टूबर की अर्ध रात्रि 12 बजकर 18 मिनट पर प्रारम्भ हो रही है और चार अक्टूबर की रात 2 बजकर 58 मिनट तक रहेगी.
3-11 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की करें पूजा
3 अक्टूबर, प्रथम तिथि- मां शैलपुत्री देवी की पूजा
4 अक्टूबर, द्वितीय तिथि- मां ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा
5 अक्टूबर, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा देवी की पूजा
6 अक्टूबर, चतुर्थी तिथि- मां कूष्मांडा देवी की पूजा
7 अक्टूबर, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता की पूजा
8 अक्टूबर, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी देवी की पूजा
9 अक्टूबर, सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि देवी की पूजा
10 अक्टूबर, अष्टमी तिथि- मां महागौरी की पूजा
11 अक्टूबर, नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री देवी की पूजा
घटस्थापना की सामग्री
पंच पल्लव (आम का पत्ता, पीपल का पत्ता, बरगद का पत्ता, गूलर का पत्ता, उमर का पत्ता हो) यदि पंच पल्लव न मिले तो आम का पत्ते उपयोगी हैं. इसके अलावा, मौली, मिट्टी के दीपक, सिक्का, जवारे के लिए साफ मिट्टी, मिट्टी का कलश, साफ जवा, रोली, अक्षत, पुष्प, लाल या पीला कपड़ा, गंगा जल, रुई की बाती, शहद, कपूर, इत्र, घी, कच्ची हल्दी, गुड़, धूप, नैवेद्य, मिट्टी या पीतल का अखंड ज्योति के लिए दीया, पान के पत्ते, नारियल, हल्दी और फूल.
(पंचांग अनुसार) घटस्थापना मुहूर्त – 06:15 ए एम से 07:22 ए एम, बृहस्पतिवार, अक्टूबर 3, 2024
अवधि – 01 घण्टा 06 मिनट्स
(पंचांग अनुसार) घटस्थापना अभिजित मुहूर्त – 11:46 ए एम से 12:33 पी एम
अवधि – 00 घण्टे 47 मिनट्स

