जानें, सापं काटने पर किन लोगों को होता है अधिक नुकसान…
Snake Bite: देशभर में मानसून अपने सितम पर है। ये मौसम जितना सुहावना, उतना घातक भी होता है। क्योंकि, इस मौसम में जिस तरह बीमारियां बढ़ती हैं, ठीक उसी तरह से जहरीले सांप भी बिलों से बाहर आने लगते हैं। माना जाता है कि ऐसा तब होता है, जब सांपों के बिलों में पानी जाने लगता है। ऐसे में वे जंगल को छोड़कर जनसंख्या की ओर आने लगते हैं। फिर धोखे से भी किसी का पैर उनपर पड़ गया तो वे उसे डंस लेते हैं। अब प्रश्न है कि आखिर, सांप काटने पर आदमी के किन अंगों को होता है नुकसान? सांप के किस अंग में होता है जहर? कैसे हो जाती मृत्यु और क्या करें, क्या न करें? News18 को सर्पदंश की ABCD बता रहे हैं जीटीबी हॉस्पिटल दिल्ली के मेडिसिन युनिट हेड डाक्टर अमितेश अग्रवाल –

डॉ। अमितेश अग्रवाल के मुताबिक, सांप को जानवरों में सबसे घातक और जहरीला माना जाता है। इसलिए सांप का नाम सुनते ही रोगटे खड़े होने लगते हैं और यदि सांप सामने आ जाएं तो होश उड़ जाते हैं। सांप का काटना बहुत ही खतरनाक हो सकता है। हर वर्ष एक बड़ी संख्या में मौतें सांप के काटने से होती हैं। हालांकि, सभी सांप ज़हरीले नहीं होते हैं, लेकिन ऐहतियात सभी सांपों से करना है। क्योंकि, कम जहरीले सांप के काटने से भी स्थिति गंभीर हो सकती है।
जहरीले सांप के काटने पर बॉडी में दिखते हैं ये लक्षण
जहरीले सर्पदंश से काटने वाली स्थान पर दर्द और सूजन, ऐंठन, मतली,उल्टी, अकड़न या कपकपी, एलर्जी, पलकों का गिरना, घाव के चारों ओर सूजन, जलन, लाल होना, त्वचा के रंग में बदलाव, दस्त, बुखार, पेट दर्द, सिरदर्द, जी मिचलाना, मांसपेशियों की कमजोरी, प्यास लगना, लो बीपी, घाव से खून बहना, बहुत पसीना आना और अंगों के आसपास के हिस्से का सुन्न पड़ना शामिल है।
सांप काटने पर इन अंगों को होता है नुकसान
जहरीले सांप के काटने पर उनका जहर लसिका और खून में पहुंचता है। इनके माध्यम से ही ये मस्तिष्क के केन्द्रों तक पहुंच जाता है। फिर तंत्रिका-विष मस्तिष्क पर असर करता है। ये जहर धीरे-धीरे खून जमाता देता है, जिससे हार्ट के आसपास के ऊतक समाप्त होते हैं और हार्ट काम करना बंद कर देता है। इससे जल्द ही मौत हो सकती है। वहीं, सांप के काटने से अचानक होने वाली मौतें डर के कारण भी हो जाती हैं।
सांप के किस अंग में होता है जहर
एक्सपर्ट के मुताबिक, सभी जहरीले सांपों के सिर वाले भाग में विष बनाने वाली संरचना होती है। इस संरचना में एक जोड़ी विष ग्रंथियां, इनकी नलिया, विषदन्त और पेशियां होती हैं। विष ग्रंथियों से विष सर्प के जबड़े में आता है। ये विष ग्रंथियां सांप के ऊपरी जबड़े में आंख के निचले हिस्से में होती है।
सांप काटने से कैसे हो जाती है मृत्यु
क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, सांपों का जहर मुख्य रूप से न्यूरोटॉक्सिक होता है (यह आपके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को हानि पहुंचाता है), लेकिन यह शरीर के ऊतकों या रक्त कोशिकाओं को भी हानि पहुंचा सकता है। यदि कोई कोबरा आपको काटता है, तो आप बहुत शीघ्र अपने दिल और फेफड़ों के पक्षाघात से मृत्यु हो सकती है।
सांप काटे तो सबसे पहले क्या करें
किसी भी आदमी को ज़हरीले साँप द्वारा काटे जाने पर दबाव स्थिरीकरण पट्टी लगाने की राय दी जाती है। आपको शरीर के प्रभावित हिस्से (जैसे कि हाथ या पैर) पर मज़बूती से पट्टी बांधनी चाहिए और चिकित्सा सहायता आने तक आदमी को शांत और स्थिर रखना चाहिए। सबसे पहले, काटने वाली स्थान पर दबाव वाली पट्टी बांधें। घाव के आसपास मार्क कर दें, ताकि हॉस्पिटल में चिकित्सक सूजन देख सके।
सांप काटे तो क्या न करें
यदि किसी को साप काट ले तो आमजन में फैली कुछ भ्रांतियों को करने से बचे। बता दें कि, जहर को चूसकर निकालने की प्रयास न करें। काटे हुए स्थान पर जहर निकालने के लिए कोई कट न लगाएं। काटी हुई स्थान पर न तो पानी लगाएं, न बर्फ की या किसी गर्म चीज से सेंक दें। एल्कोहल, चाय या कॉफी एकदम भी न पीएं। इसके अलावा, स्नेकबाइट यदि हाथ या पैर में हो तो सारे गहने या घड़ी-अंगूठी उतार दें। ऐसा करने से आदमी के शरीर में साप का जहर तेजी से फैल सकता है।

