जानिए, लगातार क्यों बढ़ रही है ऑफिस स्पेस की मांग…
भारत का ऑफिस बाजार वर्ष 2024 में काफी एक्टिव रहा और ऑफिस स्पेस की मांग आठ प्रमुख शहरों में 19 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 885.2 लाख वर्ग फुट पर पहुंच गयी. एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है.

रियल एस्टेट परामर्शदाता कुशमैन एंड वेकफील्ड (सीएंडडब्ल्यू) के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में कार्यालय स्थल की सकल पट्टा मांग 745.6 लाख वर्ग फुट थी, जो 2024 में बढ़कर 885.2 लाख वर्ग फुट हो गई. कुशमैन एंड वेकफील्ड में भारत, दक्षिण पूर्व एशिया एवं एपीएसी ‘टेनेंट रिप्रेसेंटेशन’ के मुख्य कार्यकारी अंशुल जैन ने कहा, ‘‘वर्ष 2024 हिंदुस्तान के कार्यालय क्षेत्र के लिए एक निर्णायक साल रहा जिसमें मात्रा के लिहाज से रिकॉर्ड-तोड़ पट्टा मांग रही.“
ग्लोबल मल्टीनेशनल कंपनियों से आ रही डिमांड
उन्होंने बोला कि वैश्विक क्षमता केन्द्रों (जीसीसी) की बढ़ती उपस्थिति, जो कुल मांग में करीब 30 फीसदी का सहयोग दे रही है, वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए हिंदुस्तान के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है. आठ प्रमुख शहरों में से बेंगलुरु में सकल पट्टा मांग 64 फीसदी बढ़कर 2024 में 259.3 लाख वर्ग फुट हो गई. जबकि 2023 में यह 158 लाख वर्ग फुट थी. मुंबई में मांग 140.8 लाख वर्ग फुट से 27 फीसदी बढ़कर 178.4 लाख वर्ग फुट, हैदराबाद में में 90.1 लाख वर्ग फुट से 37 फीसदी बढ़कर 123.1 लाख वर्ग फुट और अहमदाबाद में 16.3 लाख वर्ग फुट से 11 फीसदी की वृद्धि के साथ 18.1 लाख वर्ग फुट हो गई.
यहां घटी मांग
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), चेन्नई तथा पुणे में कार्यालय की मांग में गिरावट दर्ज की गई है. जबकि कोलकाता का बाजार स्टेबल रहा. दिल्ली-एनसीआर में मांग 135.7 लाख वर्ग फुट से तीन फीसदी घटकर 131.4 लाख वर्ग फुट रह गई. पुणे में 84.7 लाख वर्ग फुट रही जो 2023 की 97.4 लाख वर्ग फुट से 13 फीसदी कम है. कोलकाता में 2024 और 2023 में 17 लाख वर्ग फुट पर स्थिर रही.

