जानें कैसे हर प्यार पर अलग तरीके से व्यवहार करता है ब्रेन…
वैलेंटाइन डे पर प्यार की बात होती है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया में कितनी तरह के प्यार होते हैं। हाल ही इसे लेकर एक अध्ययन हुई तो पता लगा कि दुनिया में 6 तरह के प्यार होते हैं। हर प्यार अलग तरह का ही नहीं होता बल्कि हर एक पर ब्रेन का अलग हिस्सा एक्टिव होता है और अलग तरह से रिस्पांस देता है।

वैसे प्यार को आम जीवन में हम जैसा भी मानते हों लेकिन साइंस इसे गूढ़ यानि जटिल मानती है। फिनलैंड की आल्टो यूनिवर्सिटी हेलसिंकी पर प्यार की जटिलताओं और मस्तिष्क पर इसके असर को समझने के लिए अध्ययन हुई। इसने कहा कि प्यार कैसे हमारे पूरे न्यूरो सिस्टम और शरीर के सभी तंत्रिकाओं के बीच के रास्तों पर दौड़ने लगता है। कैसे हर प्यार पर ये अलग ढंग से व्यवहार करता है।
प्यार के प्रकार और मस्तिष्क
इस अध्ययन की जानकारी सेरेब्रल कॉर्टेक्स जर्नल में प्रकाशित हुई। इस शोध ने छह भिन्न-भिन्न प्रकार के प्यार की पहचान की है, हर प्यार में ब्रेन का एक ही हिस्सा सक्रिय नहीं होता बल्कि मस्तिष्क के भिन्न-भिन्न क्षेत्र इस पर रिस्पांस देते हैं, एक्टिव होते हैं।
– रोमांटिक प्यार
– माता-पिता का प्यार
– दोस्ती का प्यार
– अजनबियों के लिए प्यार
– पालतू जानवरों के लिए प्यार
– प्रकृति के लिए प्यार
शोध कैसे हुआ
शोध में 55 माता-पिता शामिल थे, जिन्हें इन प्रकार के प्यार से संबंधित इन स्थितियों से गुजारा गया और MRI का इस्तेमाल करके स्कैन किया गया। इन निष्कर्षों ने संकेत दिया कि बेशक प्रेम से जुड़े सभी तरह के मामलों में ब्रेन सक्रिय हो जाता है लेकिन इसकी तीव्रता भी भिन्न भिन्न तरह की होती है और हिस्सा भी। माता-पिता के प्यार के समय ब्रेन की सबसे मजबूत और जबरदस्त भावनात्मक असर को दिखाया।
जब प्रकृति के लिए प्यार ने मस्तिष्क की रिवार्ड सिस्टम को सक्रिय किया लेकिन तब ब्रेन का सामाजिक अनुभूति वाला हिस्सा इसमें उतनी मजबूती से शामिल नहीं हुआ।
जब रोमांटिक प्रेम होता है
यह अध्ययन बताता है कि प्रेम भागीदारों के बीच बंधन को मजबूत करने का काम करता है, जो दीर्घकालिक संबंधों को स्थायित्व देने में सहायता करता है। शोध में पाया गया कि विभिन्न संस्कृतियों में रोमांटिक प्रेम को शादी के लिए जरूरी माना जाता है, जिसके बिना आदमी अक्सर प्रतिबद्ध होने के लिए तैयार नहीं होते हैं।रोमांटिक प्रेम बच्चे के पालन-पोषण और लगाव बंधनों से विकसित होता है।
नए प्रेम का तंत्रिका विज्ञान
अगर आपको नया प्रेम हुआ हो तो इसका अनुभव मस्तिष्क के काम को नाटकीय रूप से बदल सकता है। ये इमोशनल रिएक्शन को बढ़ा सकता है। यहां तक कि ऐसे व्यवहारों को भी जन्म दे सकता है जो व्यक्तियों के चरित्र के उल्टा हैं। भावनात्मक और तंत्रिका संबंधी स्तर पर नए रोमांटिक संबंध कितने ताकतवर और बदल देने वाले हो सकते हैं।
माता-पिता का प्यार
माता-पिता का प्यार सबसे तीव्र मस्तिष्क गतिविधि उत्पन्न करता है, विशेष रूप से स्ट्रिएटम क्षेत्र2 के भीतर मस्तिष्क के रिवार्ड सिस्टम में गहराई से। शोधकर्ताओं ने पाया कि माता-पिता का प्यार, या अपने बच्चों के लिए प्यार, सबसे तीव्र मस्तिष्क गतिविधि उत्पन्न करता है, उसके बाद रोमांटिक प्रेम आता है। माता-पिता का ये प्यार तब साफतौर पर दिखता है जब वो अपने नन्हें नवजात बच्चे को पहली बार देखते हैं। इस तरह की तीव्र मस्तिष्क गतिविधि “किसी अन्य प्रकार के प्यार के लिए नहीं देखी गई
प्रकृति के लिए प्यार
प्रकृति का प्यार मस्तिष्क के रिवार्ड सिस्टम और विजन एरिया दोनों को एक्टिव करता है, लेकिन सामाजिक मस्तिष्क क्षेत्रों को नहीं। ये नजारों से जुड़े क्षेत्रों को एक्टिव करता है।
पालतू जानवरों के लिए प्यार
पालतू जानवरों के मालिकों द्वारा अपने पालतू जानवरों के लिए महसूस किया जाने वाला प्यार। जब ऐसा प्यार होता है या इसे आप महसूस करते हैं तो ब्रेन का मानसिक क्षेत्र सक्रिय हो जाता है।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जब अध्ययन में शामिल लोगों से जानवरों के बारे में बात की गई, तो उनके मस्तिष्क की तरंगों से पता चला कि आदमी के पास कोई पालतू जानवर है या नहीं।
अजनबियों के लिए प्यार
लोगों के बीच प्यार से जुड़े मस्तिष्क क्षेत्र करीब करीब एक जैसे ही होते हैं। लेकिन उसकी एक्टिविटी कितनी अधिक या कम है, उसमें अंतर होता है। करीबी जुड़ाव ब्रेन के रिवार्ड सिस्टम को अधिक मजबूती से एक्टिव करते हैं, जबकि अजनबियों के लिए दयालु प्यार रिवार्ड सिस्टम इतनी अधिक दमदार ढंग से दर्ज नहीं करता।
हैरानी की बात यह है कि लोगों के बीच सभी तरह के प्यार में मस्तिष्क के एक ही क्षेत्र एक्टिव होते हैं, चाहे रिश्ता कितना भी करीबी क्यों न हो, लेकिन मस्तिष्क सक्रियता की तीव्रता में अंतर होता है।
प्यार फील होते समय क्या होता है
प्यार का अनुभव करते समय ब्रेन डोपामाइन, ऑक्सीटोसिन और सेरोटोनिन सहित फील-गुड हार्मोन जारी करता है, जो मूड और सारे इमोशंस को बढ़ाता है। मस्तिष्क का वेंट्रल टेगमेंटल क्षेत्र (VTA), आनंद और रिवार्ड एरिया भी रोशन होता है। लंबे समय तक प्यार मस्तिष्क के संज्ञानात्मक क्षेत्रों में सक्रियता को बढ़ाता है।

