जानें, कितना बदल जाएगा CBSE बोर्ड एग्जाम…
मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने आज, 19 फरवरी को CBSE बोर्ड सचिव और दूसरे शिक्षाविदों के साथ वर्ष में 2 बार बोर्ड एग्जाम कराने को लेकर चर्चा की. अभी बोर्ड एग्जाम हर वर्ष फरवरी-मार्च में होते हैं. बोर्ड दूसरी बार अप्रैल-मई में बोर्ड परीक्षाएं करा सकता है. हालांकि, ये नियम कब से लागू होगा, ये तय होना बाकी है.

शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE, NCERT, KVS, NVS और कई स्कूल पदाधिकारियों के साथ वर्ष में 2 बार परीक्षाएं कराने पर चर्चा की. उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी भी जारी की.
नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क में भी दो बार बोर्ड एग्जाम कराने का प्रपोजल
पिछले वर्ष अगस्त में शिक्षा मंत्रालय ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) रिलीज किया था. NCF में भी स्टूडेंट्स को वर्ष में दो बार बोर्ड एग्जाम देने का ऑप्शन देने की बात थी. अक्टूबर 2023 में शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बोला था कि वर्ष में दो बार बोर्ड एग्जाम होंगे लेकिन स्टूडेंट्स को दोनों बार एग्जाम देना महत्वपूर्ण नहीं होगा. स्टूडेंट्स जब चाहें उस अटेम्प्ट में बोर्ड एग्जाम दे सकते हैं.
JEE की तरह दो बार बोर्ड एग्जाम देना ऑप्शनल होगा
अगस्त 2024 में इसका ड्राफ्ट तैयार किया गया था. इस दौरान शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बोला था- जिस तरह स्टूडेंट्स के पास वर्ष में दो वर्ष इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम देने का ऑप्शन होता है उसी तरह स्टूडेंट्स 10वीं या 12वीं के एग्जाम वर्ष में दो बार दे सकेंगे.
दोनों बोर्ड एग्जाम्स में से जो भी बेस्ट स्कोर होगा उसे फाइनल मार्क्स के लिए चुना जाएगा. हालांकि, दो बार बोर्ड एग्जाम देना पूरी तरह ऑप्शनल होगा.
दो बार बोर्ड एग्जाम कराने के लिए कैलेंडर डिजाइन कर रहा है CBSE
CBSE को 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए कुछ इस तरह से कैलेंडर डिजाइन करना होगा कि वर्ष में दो बार पूरे सिलेबस के साथ बोर्ड एग्जाम कराए जा सकें और 12वीं के बाद अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन प्रोसेस पर भी कोई असर न पड़े.
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय अगस्त 2024 में शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद CBSE वर्ष में दो बार एग्जाम कंडक्ट कराने को लेकर लॉजिस्टिक्स यानी सिस्टमैटिक ढंग से प्लानिंग कर रहा है.

