जानें, घर पर कैसे तैयार किया जाता है शुद्ध सत्तू, स्वाद और सुगंध दोनों होंगे बेहतर…
जिले में सत्तू की एक अपनी अलग ही पहचान है। अब तो इस सत्तू को ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना में भी शामिल भी कर लिया गया है। बता दें, बलिया में गर्मी में सत्तू का सेवन परंपरागत ढंग से किया जाता है। कहा जाता है कि गर्मी में इसका सेवन बहुत गुणकारी होता है। इसको खाने से न सिर्फ़ कलेजे को ठंडक मिलती है, बल्कि लू से भी बचाव होता है। लेकिन लोगों के मन में बाजार में मिलने वाले सत्तू में मिलावट होने का डर बना रहता है। तो आज हम आपको इसको बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आप स्वयं अपनी आंखों के सामने घर पर शुद्ध सत्तू तैयार कर सकते हैं और आपकी चिंता भी दूर हो जाएगी। तो चलिए जानते हैं इसे बनाने का तरीका

गर्मी में देता है ठंडक
इस बारे में बलिया शहर के रहने वाले वरिष्ठ नागरिक आसिफ जैदी ने बोला कि, “घर पर सत्तू बहुत सरलता से तैयार किया जा सकता है”। आजकल बाजार में मिलावटी सत्तू मिल रहे हैं, जिससे बचने का भी यह एक अच्छा तरीका है। आगे उन्होंने बताया, कि पहले घर पर ही बुजुर्ग माताएं सत्तू तैयार करती थीं, जिसका स्वाद बहुत लाजवाब और सबसे अलग होता था। गर्मी के दिनों में इसका सेवन काफी फायदेमंद कहा जाता है। यह शरीर को ठंडक देता है। गर्मी में सत्तू खाकर बड़े बुजुर्ग तंदुरुस्त रहते थे। इसी के चलते लू भी नहीं लगती थी।
ऐसे घर पर हाथों से तैयार करें शुद्ध सत्तू
इसको बनाने के लिए रात में चने को भिगोया जाता है। फिर सुबह चने को पानी से छानकर धूप में खूब सुखा दिया जाता है। इसके बाद इसे गर्म बालू या नमक में अच्छे से भूना जाता है। फिर इसके छिलके अलग कर लिए जाते हैं। और अंतिम में मिक्सर में डालकर पाउडर बना लें, यह बिल्कुल शुद्ध और ओरिजिनल स्वाद से भरपूर सत्तू होगा। इसे घर पर बड़े सरलता के साथ बनाया जा सकता है। इसकी बहुत स्वादिष्ट लस्सी बनाई जाती है। यहां तक की आम की चटनी के साथ इस सत्तू में नमक और पानी डालकर आटे जैसे मिलाकर लोग बड़े चाव से खाते हैं। इसका स्वाद बहुत लाजवाब होता है।

