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रिलेशनशिप- प्रिटी प्रिविलेज’ के पीछे क्या कारण है, जानें…

आपने देखा होगा कि कुछ लोग अच्छा काम करते हैं, इसके बावजूद उन्हें बेहतर मौके नहीं मिलते हैं. वहीं, उनके साथ काम कर रहे खूबसूरत दिखने वाले चेहरों को कम मेहनत के बावजूद, दूसरों के मुकाबले अधिक मौके मिलते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? दरअसल, इसे ‘प्रिटी प्रिविलेज’ बोला जाता है.

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हमारे समाज में सुन्दर और सुंदर दिखने वाले लोगों को आमतौर पर, कम सुंदर दिखने वाले लोगों की तुलना में अधिक बुद्धिमान, समझदार और योग्य समझा जाता है. इसे हॉलो इफेक्ट कहते हैं.

खूबसूरत चेहरों को हमारे समाज में कई तरह के लाभ मिलते हैं. आपने ध्यान दिया होगा कि क्लासरूम से लेकर ऑफिस स्पेस तक सुंदर दिखने वाले लोगों को स्पेशल अटेंशन मिलता है.

दरअसल, ‘प्रिटी प्रिविलेज’ एक ऐसी सच्चाई है, जिसे स्वीकारना कठिन है, लेकिन नकारना नामुमकिन.

ऐसे में आइए आज रिलेशनशिप में जानते हैं कि-

  • ‘प्रिटी प्रिविलेज’ के पीछे क्या कारण है??
  • इसका क्या असर पड़ता है?
  • ‘प्रिटी प्रिविलेज’ को कैसे मात दें

‘प्रिटी प्रिविलेज’ के पीछे क्या कारण है?

साइंस डायरेक्ट पर पब्लिश्ड एक रिसर्च के मुताबिक, खूबसूरत दिखने वाले चेहरों को बुद्धिमान समझा जाता है. लोग समझते हैं कि सुंदर लोगों का व्यवहार दोस्ताना होता है. साथ ही लोग मानते हैं कि खूबसूरत लोगों में अन्य लोगों की तुलना में अधिक कॉन्फिडेंस होता है. इसके पीछे का कारण हॉलो इफेक्ट है, जिसमें समझा जाता है कि जो कुछ भी सुंदर दिख रहा है वह अच्छा है.

‘प्रिटी प्रिविलेज’ का जीवन पर प्रभाव

यह एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक धारणा है. इसमें सुंदर लोगों को जाने-अनजाने में अधिक अवसर और सहूलियतें मिलती हैं. यह विशेषाधिकार कई प्रोफेशन में देखने को मिलता है, जहां खूबसूरत लोगों को अधिक पसंद किया जाता है. ऐसे लोगों को सरलता से नौकरी, दोस्त और प्यार मिल जाता है. आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं.

प्रोफेशनल लाइफ पर प्रभाव अमेरिकी लेखक डेनियल हैमरमेश की पुस्तक ब्यूटी पेज के मुताबिक, सुंदर लोगों को न सिर्फ़ अधिक सैलरी मिलती है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी भी माना जाता है. इन लोगों को जॉब और प्रमोशन के अधिक अवसर मिलते हैं. खासकर, फैशन और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में खूबसूरत लोगों को खूब ‘प्रिटी प्रिविलेज’ मिलता है.

सोशल लाइफ पर असर ‘प्रिटी प्रिविलेज’ लोगों की प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ सोशल लाइफ पर भी गहरा असर डालता है. ऐसे लोगों को बचपन से ही पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिलता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है. समाज में अधिक स्वीकृति और करियर में ढेरों मौके मिलने के कारण वे अधिक सहज महसूस करते हैं.

इसे इस उदाहरण से समझ सकते हैं कि इंस्टाग्राम, फेसबुक या स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सुंदर लोगों को अधिक लाइक्स, फॉलोअर्स मिलते हैं. बड़े ब्रांड्स भी विज्ञापन के लिए सुंदर इन्फ्लुएंसर्स को अधिक मौके देते हैं. कई बार सुंदर लोगों की गलतियां नजरअंदाज कर दी जाती हैं, जबकि अन्य लोगों को अधिक आलोचना झेलनी पड़ती है.

क्या सुंदर लोगों को इसका हानि भी होता है?

आमतौर पर हमें लगता है कि सुंदर दिखना लाभ वाला है, लेकिन कभी-कभी कुछ लोगों की सुंदरता के कारण उनकी काबिलियत को नजरअंदाज भी किया जाता है. आइए इसे ग्राफिक्स के जरिए समझते हैं.

‘प्रिटी प्रिविलेज’ को कैसे मात दें?

डॉ सत्यकांत त्रिवेदी बताते हैं कि हमारे समाज में लोग सुंदरता को अधिक महत्व देते हैं. यही वजह है कि कुछ लोग इसे अपनी पहचान का हिस्सा बना लेते हैं. हालांकि, एक अच्छी बात यह है कि आप खूबसूरती की परिभाषा को अपने ढंग से बदल सकते हैं और एक नयी सोच विकसित कर सकते हैं. यहां हम कुछ ऐसे आसान उपायों के बारे में चर्चा करेंगे, जिससे आप अपने नजरिए को बदल सकते हैं.

बॉडी न्यूट्रैलिटी: आपके लिए यदि बॉडी पॉजिटिविटी कठिन है तो बॉडी न्यूट्रैलिटी को अपनाना चाहिए. इसके लिए महत्वपूर्ण है कि आप अपने शरीर को केवल देखने की चीज न समझें, बल्कि उसकी ताकत और क्षमताओं को पहचानें. शरीर की खूबसूरती से अधिक उसकी कार्यक्षमता को महत्व दें.

सेल्फ एक्सेप्टेंस: समाज आपको अपनाए या न अपनाए, सबसे महत्वपूर्ण है कि आप स्वयं को अपनाएं. यह समझना महत्वपूर्ण है कि आपकी खूबसूरती या दूसरों से तुलना आपके सेल्फ-वर्थ को तय नहीं करती है. अपने बारे में पॉजिटिव बात करना प्रारम्भ करें. सेल्फ कॉन्फिडेंस हाई रखें. यदि आपको निगेटिव बातें परेशान कर रही हैं तो थेरेपी की सहायता लें.

पॉजिटिव सर्कल: ऐसे दोस्तों और लोगों के साथ रहें, जो आपको बिना किसी कंडीशन के पसंद करें. दूसरों से तुलना करने वाले लोगों से दूर रहें.

वास्तव में अच्छे बनें: जो लोग वाकई में अच्छे हैं, वे सुंदर भी माने जाते हैं. दयालु, निष्ठावान और सहानुभूति रखने वाले लोग समय के साथ अधिक खूबसूरत लगने लगते हैं. पहली नजर में कई सारे लोग कुछ खास नहीं लगते हैं और लोग उन्हें पसंद नहीं करते हैं, लेकिन उनकी अच्छाई धीरे-धीरे उन्हें सुंदर बना देती है.

खुद की सोच पर विचार करें: समाज के बोलने से पहले स्वयं से पूछें कि क्या मैं दूसरों को उनके लुक्स के आधार पर न्यायधीश करता हूं? यदि आप अपने सुंदर दिखने का फायदा उठाते हैं तो उन लोगों के अनुभवों को समझने की प्रयास करें, जो इससे वंचित है. ये बात समझना महत्वपूर्ण है कि लोग आपको केवल लुक्स से नहीं, बल्कि आपकी वास्तविक काबिलियत से पहचाने.

 

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