जानें, क्यों खास है जाली वाला अचार, जानिए इसकी आसान रेसिपी…
Famous Achaar Of Rampur: हर जगहों पर कुछ खाने की चीजें इतनी फेमस होती हैं जो वहां की पहचान बन जाती हैं। अब रामपुर के इस अचार को ही ले लें। हालांकि अचार कोई अनोखी चीज नहीं है और हर स्थान बनता है पर इस अचार के लिए बच्चों का लगाव देखते वाला है। रामपुर की मोना चावला वर्ष 1980 से एक खास तरह का आम का अचार बना रही हैं, जिसे जाली वाला आम बोला जाता है। यह अचार खासतौर पर बच्चों को बहुत पसंद आता है। मोना बताती हैं कि कई बच्चे तो बिना इस अचार के विद्यालय ही नहीं जाते।

कैसे होते है तैयार
अचार बनाने के लिए वे हरे छिलके वाला, बड़ा और गूदेदार आम चुनती हैं। आम को पहले धोकर साफ किया जाता है और फिर टुकड़ों में काटा जाता है। यदि आम बड़ा है तो 16 टुकड़े, छोटा है तो 8 और बहुत छोटा है तो 4 टुकड़े कर लिए जाते हैं। जैसे यदि 12 किलो आम लिया जाए, तो धोने और काटने के बाद करीब 10 किलो आम बचता है। इसमें 1 किलो नमक और 1 किलो अचार का मसाला मिलाया जाता है। फिर इसे 4 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दिया जाता है ताकि मसाले अच्छे से बैठ जाएं। इसके बाद 2 किलो ऑयल डालकर सब कुछ अच्छे से मिलाया जाता है।
ऐसे बनता है बच्चों का फेवरेट अचार
इस तरह तैयार होता है बच्चों का पसंदीदा चटपटा अचार। मोना बताती हैं कि इस अचार की खास बात इसका मसाला है, जो न अधिक तीखा होता है और न अधिक खट्टा। इसका स्वाद इतना मजेदार होता है कि लोग इसे बार-बार मंगवाते हैं। इस अचार की मूल्य 240 रुपये है और इसे खासतौर पर बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। मोना कहती हैं कि चार दशक से भी अधिक समय हो गया, लेकिन आज भी बच्चे इसे उतना ही पसंद करते हैं, जितना पहले करते थे।

