आइए जानते हैं, रत्न पहनते समय किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
कुंडली में ग्रहों की स्थिति, आदमी के जीवन में शुभ-अशुभ रिज़ल्ट देते रहते हैं। कुछ लोग ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों से जीवन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए रत्न धारण करते हैं, लेकिन कई बार रत्न पहनते समय कुछ गलतियों से आदमी के लाइफ में समस्याएं कई गुना बढ़ सकती हैं। इसलिए चलिए जानते हैं कि रत्न पहनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

एक्सपर्ट की राय लें: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बिना ज्योतिषीय राय के कभी भी कोई रत्न धारण करने की गलती नहीं करनी चाहिए। बिना सुझाव के इन ताकतवर रत्नों को पहनने से आदमी पर नकारात्मक असर पड़ता है। चलिए जानते हैं इन रत्नों के बारे में…
नीलम: शनि के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए नीलम रत्न पहना जाता है। इसे धारण करने से आदमी को जीवन में शनि के प्रकोप से छुटकारा मिलता है, लेकिन बिना सोचे-समझे और एक्सपर्ट की राय लिए बिना नीलम नहीं पहनना चाहिए। मान्यता है कि 24 घंटे में ही इसके अशुभ असर नजर आने लगता है।
कैसे धारण करें नीलम?
नीलम पहनते से पहले कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति के बारे में जानें। इसे सिल्वर या आयरन की अंगूठी में पहनना शुभ होता है। नीलम को सोने की अंगूठी में नहीं पहनना चाहिए। इसे आप शनिवार की रात को बाएं हाथ में पहन सकते हैं। स्कवायर-शेप का नीलम रत्न शुभ माना जाता है। साथ ही इसे पहनने से पहले ईश्वर शिव और शनिदेव की पूजा जरूर करें।
हीरा: हीरा सबसे कीमती रत्नों में से एक है। हर कोई हीरे की खूबसूरती देख इससे बनी अंगूठी पहनना अधिक पसंद करता है। यह शुक्र ग्रह का रत्न माना जाता है। यह आपके जीवन में खूबसूरती, सुख-समृद्धि और खुशियां लाता है। साथ ही यह आपके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है। ज्योतिष के अनुसार, शुक्र का फायदा लेने और जीवन में ग्लैमर को बढ़ाने के लिए हीरा पहना जाता है।
हीरा पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान: हर कोई हीरा पहनने का शौकीन होता है, लेकिन बिना ज्योतिषीय राय के हीरा की अंगूठी पहनने से बचना चाहिए। साथ ही जिन लोगों को मधुमेह या ब्लड से जुड़ी समस्याएं उन्हें हीरा नहीं पहनना चाहिए। 21 वर्ष से 50 वर्ष तक के लोगों का हीरा पहनना अच्छा माना जाता है। यदि आपकी मैरिड लाइफ में परेशानियां आ रही हैं तो हीरा आपकी दिक्कतें बढ़ा सकता है। हीरा के साथ कभी भी मूंगा या गोमेद नहीं पहनना चाहिए। इससे आदमी के चरित्र पर नकारात्मक असर पड़ता है।

