मल्लिका आम की जाने खासियत
सागर। सागर में एक किसान ने 36 वैरायटी के आमों का उद्यान तैयार किया है। इसमें उन्होंने चार एकड़ की स्थान में 14 राज्यों में होने वाली भिन्न-भिन्न प्रजाति शामिल है, लेकिन इनमें सबसे खास मल्लिका आम है। मल्लिका आम की खास बात यह है कि इसमें गुठली ना के बराबर बहुत पतली सी होती है, जबकि इसमें गूदा अधिक होता है। एक तरह से देखें कि यदि 1 किलो का आम है, तो उसमें 900 ग्राम गूदा और 50 ग्राम की गुठली होती है। मल्लिका आम का वजन में 400 ग्राम से लेकर 1 किलो ग्राम तक के हो रहे हैं।

अचार से लेकर पापड़ तक के काम आता
दूसरी खास बात यह है कि इस आम में हर वर्ष फल आते हैं, जबकि दूसरे आम पेड़ एक वर्ष छोड़कर एक वर्ष फल देते हैं। इसके अतिरिक्त यह स्वाद में केसर की जैसा होता है, जो लोगों को काफी पसंद आता है। इस्तेमाल की बात करें तो मल्लिका आम का अचार बनाया जा सकता है। इसका जूस जेम भी बनाते हैं, डिहाइड्रेट करके पाउडर तैयार कर पापड़ भी बनाए जाते हैं, तो यह आचार से लेकर पापड़ तक हर चीज में काम आ जाता है।
केरल से लेकर आए थे मल्लिका आम
सागर में जैविक खेती करने वाले और आम का उद्यान ग्राफ्टिंग विधि से तैयार करने वाले आकाश चौरसिया बताते हैं कि उनके बगीचे में तोतापरी लंगड़ा चौसा अल्फांसो, रत्ना, माल्दा, नीलम, आम्रपाली जैसी कई वैरायटी है। जिन्हें भिन्न-भिन्न राज्यों से लेकर आए और ग्राफ्टिंग विधि से तैयार किए, जिनमें अच्छा फलन हो रहा है। इसी में केरल की मल्लिका आम की वैराइटी भी शामिल है इसमें गुठली छोटी सी होती है। आम के साइज की वजह से यह बाजार में लोगों को आकर्षित करता है जो आम की शौकीन होते हैं। वे इसे खूब पसंद करते हैं वही स्वाद में यह केसर को भिड़न्त देता है और दर भी ₹100 किलो वर्तमान में मिल रहे हैं।

