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छत पर गमले में इस तकनीक से उगाये शहतूत का पौधा

रायपुर: बरसों से शहतूत को गांव और बगीचों का पेड़ माना जाता रहा है, लेकिन अब इसे शहरों के घरों में भी सरलता से लगाया जा सकता है गार्डनिंग एक्सपर्ट जितेंद्र अठवानी बताते हैं कि थोड़ी सी देखभाल और ठीक तकनीक अपनाकर लोग अपने घर के आंगन या छत पर गमले में शहतूत उगाकर ताजे और पौष्टिक फल प्राप्त कर सकते हैं

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गार्डनिंग एक्सपर्ट जितेंद्र अठवानी के अनुसार, शहतूत का पौधा लगाने के लिए कम से कम 16 से 18 इंच का गमला महत्वपूर्ण है बड़ा गमला जड़ों को मजबूती देता है और पौधे की ग्रोथ भी अच्छी होती है जब पौधे को पर्याप्त स्थान और पोषण मिलता है तभी वह नियमित रूप से फल देने लगता है

गमले में पौधा लगाने से पहले मिट्टी की ठीक तैयारी बहुत जरूरी है इसके लिए काली मिट्टी में थोड़ी गोबर की खाद और थोड़ी रेत मिलानी चाहिए यह मिश्रण पौधे को पोषण देता है और साथ ही पानी की निकासी को भी बैलेंस करता है पानी देने के लिए ध्यान रखना चाहिए कि मिट्टी हमेशा मामूली नमी वाली रहे बरसात के मौसम में अतिरिक्त पानी एकदम न दें क्योंकि लगातार गीलापन पौधे की जड़ों को सड़ा सकता है इसलिए सिर्फ़ मिट्टी सूखने पर ही पानी डालना उचित है

पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए समय – समय पर सरसों खली, नीम खली और बोन मील जैसे ऑर्गेनिक खाद डाल सकते हैं ये पौधे को शक्तिशाली बनाते हैं और फल उत्पादन को बढ़ावा देते हैं वहीं कीड़ों से बचाव के लिए धावा 550 और सफल जैसे कीटनाशकों का स्प्रे करना कारगर साबित होता है

अगर आप बड़ा पौधा लगाते हैं तो लगभग एक वर्ष में शहतूत के फल मिलने लगते हैं धीरे – धीरे पौधा बड़ा होने पर हर सीजन में पर्याप्त मात्रा में फल तोड़कर खाए जा सकते हैं शहतूत न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि इसमें विटामिन, आयरन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए भी लाभ वाला हैं

रायपुर के गीता नर्सरी में शहतूत के तीन से चार फीट लंबे पौधे सरलता से मौजूद हैं  इनकी मूल्य करीब 150 रुपए है, जो किसी भी सामान्य माली या शौकिया गार्डनिंग करने वाले आदमी के लिए किफायती है गार्डनिंग एक्सपर्ट जितेंद्र अठवानी कहते हैं कि शहतूत का पौधा घर पर लगाना एक अच्छा निवेश है यह पौधा न सिर्फ़ घर की सुंदरता बढ़ाता है बल्कि परिवार को ताजे और स्वास्थ्य वर्धक फल भी देता है ठीक देखभाल और समय-समय पर कीड़ों का प्रबंधन ही इसकी कामयाबी की कुंजी है

 

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