NCERT ने 11वीं, 12वीं क्लास की किताबों में किया ये बदलाव
NCERT ने 11वीं, 12वीं क्लास की पुस्तकों में एक बार फिर परिवर्तन किया है. इस बार पुस्तकों से अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस, गुजरात दंगों में मारे गए मुसलमानों की जानकारी और मणिपुर का संदर्भ हटा दिया गया है. इसके साथ ही जम्मू और कश्मीर पर हिंदुस्तान के रुख को साफ किया गया है.
NCERT द्वारा किए गए ये परिवर्तन अभी औनलाइन पुस्तकों में रिफलेक्ट नहीं हुए हैं, मगर सूत्रों का बोलना है कि पुस्तकों को भी जल्द ही अपडेट किया जाएगा.
इस मुद्दे पर NCERT का बोलना है कि उच्चतम न्यायालय की कानूनी पीठ के निर्णय के चलते अयोध्या मामले पर चैप्टर को पूरी तरह से संशोधित किया गया है.
11वीं की पुस्तक से गुजरात दंगों का जिक्र हटा
कक्षा 11 की पॉलिटिकल साइंस की पुस्तक में डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स-I के चैप्टर 5 में से गुजरात दंगों का जिक्र हटा दिया गया है.
मौजूदा पुस्तक में पेज 86 पर लिखा है; क्या आपको इस पेज पर समाचार कोलाज में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का संदर्भ दिखाई देता है? ये संदर्भ मानव अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता और मानवीय गरिमा के लिए संघर्ष को दर्शाते हैं. विभिन्न क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघन के कई मामले, जैसे गुजरात दंगे, पूरे हिंदुस्तान से नोटिस में लाए जा रहे हैं.‘
नई पुस्तक में पेज 86 पर लिखा होगा; हिंदुस्तान भर से विभिन्न क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघन के कई मुद्दे सार्वजनिक नोटिस में लाए जा रहे हैं.
इसके लिए NCERT ने स्पष्टीकरण दिया है कि चैप्टर में ऐसी घटना का जिक्र था जो 20 वर्ष पुरानी है और इसे न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सुलझा लिया गया है.
गुजरात दंगों में मारे गए मुसलमानों का जिक्र हटा
एक और बड़े परिवर्तन में, कक्षा 11 की पॉलिटिकल साइंस की पुस्तक ‘पॉलिटिकल थ्योरी’ के पेज 112 पर धर्मनिरपेक्षता के टॉपिक में गोधरा के बाद के दंगों में मारे गए मुसलमानों का संदर्भ हटा दिया है.
मौजूदा संस्करण में लिखा है; 2002 में गुजरात में गोधरा के बाद हुए दंगों के दौरान 1,000 से अधिक लोगों की मर्डर कर दी गई थी, जिनमें ज्यादातर मुसलमान थे.
नई पुस्तक में लिखा होगा; गुजरात में गोधरा के बाद हुए दंगों के दौरान 1,000 से अधिक लोग मारे गए थे.
इस परिवर्तन पर NCERT का बोलना है कि किसी भी दंगे में सभी समुदायों के लोगों को हानि होता है. यह केवल एक समुदाय नहीं हो सकता.
अयोध्या विध्वंस का जिक्र भी हटा
कक्षा 12 की पॉलिटिकल साइंस की पुस्तक के चैप्टर 8 ‘भारतीय राजनीति में हालिया विकास’ के पेज 136 पर परिवर्तन किए गए हैं.
मौजूदा संस्करण में लिखा है; सियासी लामबंदी की प्रकृति के लिए राम जन्मभूमि आंदोलन और अयोध्या विध्वंस की विरासत क्या है?
नई पुस्तक में लिखा होगा; राम जन्मभूमि आंदोलन की विरासत क्या है?
बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र हटाया गया
पॉलिटिकल साइंस कि पुस्तक के पेज 139 पर, मौजूदा संस्करण में लिखा है; दिसंबर 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचे (बाबरी मस्जिद) का विध्वंस हुआ. यह घटना राष्ट्र की राजनीति में विभिन्न परिवर्तनों का प्रतीक बनी और भारतीय राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता के बारे में बहस तेज हो गई. ये घटनाक्रम बीजेपी के उदय और ‘हिंदुत्व’ की राजनीति से जुड़े हैं.
नई पुस्तक में लिखा होगा; अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर पर सदियों पुराने कानूनी और सियासी टकराव ने हिंदुस्तान की राजनीति को प्रभावित करना प्रारम्भ कर दिया, जिसने विभिन्न सियासी परिवर्तनों को जन्म दिया. राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन, केंद्रीय मामला बन गया, जिसने धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर चर्चा की दिशा बदल दी. उच्चतम न्यायालय की कानूनी पीठ के निर्णय (9 नवंबर, 2019 को घोषित) के बाद ये परिवर्तन अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के रूप में परिणित हुए.”
मणिपुर का जिक्र भी हटा
कक्षा 12वीं की पुस्तक के पहले चैप्टर में पेज 18 पर मणिपुर के संदर्भ में,
मौजूदा संस्करण में लिखा है; हिंदुस्तान गवर्नमेंट लोकप्रिय रूप से निर्वाचित विधानसभा से परामर्श किए बिना, सितंबर 1949 में विलय समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए महाराजा पर दबाव डालने में सफल रही.इससे मणिपुर में बहुत गुस्सा और आक्रोश पैदा हुआ, जिसका असर अभी भी महसूस किया जा रहा है.
नई पुस्तक में लिखा होगा; हिंदुस्तान गवर्नमेंट सितंबर 1949 में महाराजा को विलय समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मनाने में सफल रही.
PoK के जिक्र में भी परिवर्तन हुआ
इसके अतिरिक्त चैप्टर 7 में पेज 119 पर हिंदुस्तान और पाक के बीच सीमा टकराव का जिक्र है.
मौजूदा पुस्तक में लिखा है
भारत का दावा है कि यह क्षेत्र गैरकानूनी कब्जे में है. पाक इस क्षेत्र को ‘आजाद पाकिस्तान’ के रूप में वर्णित करता है.
नई पुस्तक में लिखा होगा हालांकि, यह भारतीय क्षेत्र है जो पाक के गैरकानूनी कब्जे में है जिसे पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) बोला जाता है.
NCERT ने साफ किया है कि जो परिवर्तन किया गया है, वह जम्मू और कश्मीर के संबंध में मौजूदा स्थिति से पूरी तरह मेल खाता है.

