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अब खरपतवार नहीं बनेगी मुसीबत! खेतों को चकाचक करने के लिए इन देसी तरीकों का करें इस्तेमाल

बरसात के मौसम में किसानों के खेतों में खरपतवार बड़ी संख्या में हो जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि खरपतवार क्यों होती है और इसे बिना दवाइयों के कैसे समाप्त किया जा सकता है? यदि नहीं, तो आज हम आपको एक ऐसी तकनीक बताने जा रहे हैं जिसका इस्तेमाल करने से आपके खेत में खरपतवार यानी घास नहीं रुकेगी

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खरपतवार क्यों होती है

सबसे पहले जान लेते हैं कि खरपतवार क्यों होती है खरपतवार एक ऐसी घास होती है जो खेत में अपने आप उगने लगती है इस घास के उगने से हमारी फसल प्रभावित होती है और जो पोषक तत्व हम फसल को देते हैं, वह उस घास में लग जाते हैं यानी फसल को आधे ही पोषक तत्व मिल पाते हैं दूसरी बात, खरपतवार के बीज मिट्टी में पड़े होते हैं और यह अपने समय पर प्रतिवर्ष उग जाते हैं

खरपतवार से अपनी फसल को कैसे बचाएं

अब बात आती है कि खरपतवार से अपनी फसल को कैसे बचाएं सबसे पहले किसान अपने खेत की गहरी जुताई कर सकता है गहरी जुताई करने से नीचे की मिट्टी ऊपर और ऊपर की मिट्टी नीचे हो जाती है, जिससे खरपतवार के बीज दब जाते हैं और नष्ट होकर पौधों को पोषक तत्व के रूप में मिलते हैं इतना ही नहीं, किसान भाई पराली का इस्तेमाल भी अपने खेतों में बिछाकर खरपतवार को नष्ट करने के लिए कर सकता है, जिसे अच्छा धन के नाम से जाना जाता है तीसरा, किसान भाई अपने खेतों में ऐसी फसलों का इस्तेमाल करें जो जमीन में छाया बनाकर रखें और उगने वाली घास को भोजन बनाने के लिए धूप ही ना मिल पाए

इन उपायों से करें खेती, खेत में नहीं होगा खरपतवार

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी और प्रोफेसर चिकित्सक आईके कुशवाहा ने लोकल 18 से बात करते हुए कहा कि किसानों के खेत में होने वाली घास खरपतवार एक पौधा होता है जो आज तो हमें घास दिखाई दे रही है लेकिन किसी ना किसी क्षेत्र में उसका भी प्रयोग होता है जो खेतों में अपने आप उगते हैं उनके कहीं ना कहीं मिट्टी में बीज पड़े होते हैं घास के समय आने पर खेत में अपने आप जमने लगती है

क्या है टेक्निक

सबसे पहले देखा जाता है कि यदि किसान अपने खेत की मिट्टी 2-3 वर्ष रोटेशन के रूप में करता रहता है, तो यह खरपतवार पूरी तरह से समाप्त हो जाती है इसमें सबसे जरूरी तकनीक है गहरी जुताई, जिससे नीचे की मिट्टी ऊपर और ऊपर की मिट्टी नीचे हो जाती है ऐसा करने से मिट्टी में जो खरपतवार के बीज पड़े होंगे, वह मिट्टी में दबकर समाप्त हो जाते हैं और पौधे को खाद्य रूप में मिल जाते हैं दूसरा, खेत में ऐसी खेती करें जिससे जमीन पर धूप कम लगे और पौधे आपस में मिले रहें, इसमें भी घास कम होने की आसार रहती है तीसरा, किसान अपने खेत में खरपतवार से बचने के लिए पराली को बिछा सकता है

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