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NEET : जांच कमिटी की रिपोर्ट से पहले NTA ने जारी किया FAQ

NEET : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के परिणाम की जांच को लेकर बनी कमिटी की रिपोर्ट आने से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एनटीए ने एक विस्तृत एफएक्यू ( FAQ ) जारी किया है. एनटीए ने इसमें एक बार फिर पेपर लीक से इनकार करते हुए 37 प्रश्न के उत्तर दिए हैं. गोधरा और बिहार में नीट का पेपर लीक होने से जुड़े प्रश्न में एनटीए ने बोला है कि किसी भी रिपोर्ट में पेपर लीक होने के सबूत नहीं हैं. यहां के सभी मुद्दे चीटिंग या असल अभ्यर्थी की स्थान बैठकर किसी और के एग्जाम देने से जुड़े हैं. इन केसों की जांच जारी है और नतीजों का प्रतीक्षा है. एनटीए ने बोला कि उसके अपने सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और एसओपी हैं जिसमें पाया गया है कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. एफएक्यू में एनटीए ने बोला कि उसने हाल ही में पटना पुलिस को कुछ दस्तावेज़ मौजूद कराए थे. वह जांच एजेंसियों का जांच में पूरा योगदान कर रहा है. एनटीए ने इसमें यह भी बोला है कि जो टाइ ब्रेकिंग क्राइटेरिया 2023 में अपनाया गया था, एकदम वही 2024 में भी अपनाया गया है.

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गौरतलब है नीट परिणाम में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद पूरे राष्ट्र में विरोध प्रदर्शन जारी है. नीट परीक्षा रद्द कर फिर से आयोजित करने और परिणाम फिर से घोषित करने की मांग को लेकर उच्चतम न्यायालय और विभिन्न राज्यों की अदालतों में याचिकाएं दाखिल की गई हैं.

सवाई माधोपुर के परीक्षा केंद्र में क्या हुआ था?
एनटीए ने बोला – राजस्थान के सवाई माधोपुर के मानटाउन स्थित बालिका उच्चतर माध्यमिक मॉडल विद्यालय में प्रश्नपत्रों के गलत वितरण की घटना हुई थी. यह पाया गया कि केंद्र अधीक्षक ने गलती से हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को अंग्रेजी माध्यम की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र वितरित कर दिए थे, और अंग्रेजी मीडियम वालों को हिंदी मीडियम के. इससे कुछ अभ्यर्थी बवाल करने लगे और केंद्र कर्मचारियों द्वारा रोकने के प्रयासों के बावजूद प्रश्नपत्र लेकर परीक्षा केंद्र से चले गए. यह भी पाया गया कि इस प्रश्नपत्र की कॉपी लगभग 4.25 बजे सोशल मीडिया पर वायरल की गईं, जिससे यह धारणा बनी कि परीक्षा प्रारम्भ होने से पहले प्रश्नपत्र लीक हो गया था. भले ही कुछ विद्यार्थियों द्वारा प्रश्नपत्र निकालकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया गया था, लेकिन परीक्षा प्रारम्भ होने के बाद कोई भी बाहरी आदमी केंद्र में नहीं पहुंच सकता था. इसके अतिरिक्त सभी केंद्र सीसीटीवी की नज़र में थे. सवाई माधोपुर स्थित उपरोक्त केन्द्र के प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा उसी दिन अर्थात् 05 मई 2024 को ठीक मीडियम के प्रश्नपत्र के साथ आयोजित की गई थी ताकि उनका भविष्य बर्बाद न हो.

ग्रेस मार्क्स क्यों दिए ?
एनटीए ने कहा- नीट यूजी 2024 के अभ्यर्थियों द्वारा कुछ केंद्रों पर एग्जाम के दौरान उनका समय बर्बाद होने के चलते उच्च न्यायालयों के समक्ष कुछ याचिकाएं दाखिल की गई थीं. इसके बाद एक कम्पलेन निवारण समिति का गठन किया गया, जिसने पदाधिकारियों की तथ्यात्मक रिपोर्टों और संबंधित परीक्षा केंद्रों से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शिकायतों पर विचार किया. समय की बर्बादी की भरपाई के लिए इन स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए.

ग्रेस मार्क्स किए आधार पर दिए गए, उसका फॉर्मूला क्या रहा
एनटीए ने कहा- पता लगाया कि उन स्टूडेंट्स का कितना समय बर्बाद हुआ था और ऐसे उम्मीदवारों की उत्तर देने की क्षमता कितनी है, इस आधार पर उन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए. सर्वोच्च कोर्ट द्वारा 13 जून 2018 को दिए गए फैसला से तय किए एक फॉर्मूले के आधार पर इन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए. कुल 1563 उम्मीदवारों को टाइम लॉस होने के चलते ग्रेस मार्क्स दिए गए.

– कोई उम्मीदवार 718 और 719 अंक कैसे प्राप्त कर सकता है?
एनटीए ने कहा- ग्रेस मार्क्स के कारण दो उम्मीदवारों को 718 और 719 अंक प्राप्त हुए.

क्या 1563 के अतिरिक्त कोई और उम्मीदवार था जिसे ग्रेस अंक मिले?
– नहीं, उन 1563 उम्मीदवारों को उनके समय खराब होने  की भरपाई के लिए ग्रेस अंक दिए गए थे.

– फिजिक्स के एक प्रश्न के दो ठीक उत्तर होने के चलते 44 अभ्यर्थियों का पूरा स्कोर 720 में से 720 रहा. क्या उन्हें भी ग्रेस मार्क्स मिले थे ?
नहीं, जैसा कि पहले बोला गया था, ग्रेस अंक सिर्फ़ समय बर्बाद होने की भरपाई के लिए मुआवजे के तौर पर दिए गए थे.

क्या आप नीट के  शीर्ष 100 उम्मीदवारों के परीक्षा केंद्रों और विद्यालय बोर्डों के संदर्भ में वितरण के बारे में डिटेल्स देसकते हैं?
शीर्ष 100 उम्मीदवारों को राष्ट्र के 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 55 शहरों में स्थित 89 विभिन्न केंद्रों में बांटा गया है. इन शीर्ष उम्मीदवारों में से 73 सीबीएसई बोर्ड के हैं, जबकि शेष 27 विभिन्न राज्य बोर्डों से हैं. यह विविधतापूर्ण वितरण विभिन्न क्षेत्रों और शैक्षिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के बीच व्यापक भागीदारी और प्रतिस्पर्धी भावना को दिखाता है.

पूरा एफएक्यू देखने के लिए क्लिक करें 

एनटीए ऐसे हाई स्कोर की प्रामाणिकता कैसे सुनिश्चित करता है?
– एनटीए ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए. इसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी नज़र और परीक्षा के दौरान कठोर नज़र शामिल है. परीक्षा के बाद, एनटीए ने सीसीटीवी फुटेज अच्छी तरह चेक की. साथ ही यह भी चेक किया कि नीट के टॉपर स्कोरर्स पढाई लिखाई में कैसे रहे हैं.

फटी ओएमआर शीट पर क्या है कहना
नीट यूजी की एक अभ्यर्थी के वायरल वीडियो के संबंध में जिसमें नीट यूजी 2024 के स्कोरिंग में गड़बड़ियों का दावा किया गया है और फटी हुई OMR आंसर शीट एनटीओ की ओर मेल में मिलने के बारे में बोला गया है, इस पर बोला कि
कोई भी फटी हुई ओएमआर आंसरशीट एनटीए के आधिकारिक आईडी से नहीं भेजी गई थी. आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक ओएमआर आंसरशीट ठीक है और स्कोर परफेक्ट हैं.

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