इस दिन मनाई जाएगी बसंत पंचमी, भूलकर भी न करें ये काम…
उज्जैन. हिंदू धर्म में हर तिथि और हर वार का अपना अलग धार्मिक महत्व है. माघ महीने का भी विशेष महत्व है. अभी माघ महीने की आरंभ हो चुकी है. इस महीने में कई बड़े पर्व और त्यौहार मनाए जाते हैं, जिनमें से एक है बसंत पंचम. बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है. माता सरस्वती को विद्या की देवी माना जाता है. बोला जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ही माता सरस्वती प्रकट हुई थीं. हर वर्ष बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन कई लोग व्रत रखकर और पूजा करके माता की आराधना करते हैं, लेकिन कुछ चीजें हैं, जिन्हें इस दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि कौनसी चीजें इस दिन वर्जित मानी गई हैं.

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी?
वैदिक पंचांग के मुताबिक माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की आरंभ 2 फरवरी रविवार सुबह 11:53 बजे से हो रही है और समाप्ति अगले दिन यानी 3 फरवरी सोमवार सुबह 9:36 बजे होगा. उदयातिथि के मुताबिक 3 फरवरी को बसंत पंचमी का त्यौहार यानी सरस्वती पूजा मनाई जाएगी.
भूलकर भी ना करें ये कार्य
-शास्त्रों के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन पेड़-पौधों को नहीं काटना चाहिए, क्योंकि यह दिन बसंत ऋतु की आरंभ का प्रतीक है. इस दिन पेड़-पौधों को हानि पहुंचाने से माँ सरस्वती नाराज होती हैं.
– शास्त्रों के मुताबिक क्रोध और अहंकार मनुष्य के सबसे बड़े दुश्मन माने गए हैं. बसंत पंचमी के दिन क्रोध और अहंकार से बचना चाहिए.
– शास्त्रों के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे अशुभ रिज़ल्ट हो सकते हैं और माँ सरस्वती रुष्ट हो सकती हैं. इस दिन व्रत रखकर माँ की आराधना करनी चाहिए.
बसंत पंचमी पर कौनसे कार्य करना शुभ
बसंत पंचमी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर उगते सूर्य को अर्घ्य दें. यह कार्य बहुत ही शुभ माना जाता है. सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद पीले वस्त्र पहनकर विधिपूर्वक माँ सरस्वती की पूजा करना फायदेमंद होता है. इस दिन कोई भी कार्य जैसे भूमि, वाहन खरीदना और शादी करना काफी शुभ होता है.

