लाइफ स्टाइल

ब्रेडफ्रूट के नियमित सेवन से शुगर को कर सकते है कंट्रोल

Swad ka Safarnama: आज हम आपको एक ऐसे दिलचस्प फल की जानकारी देने जा रहे हैं, जिसको खाओ तो उसका स्वाद सिकी हुई ब्रेड (रोटी) जैसा है इसी विशेषता के आधार पर इस फल का नाम ब्रेडफ्रूट रखा गया है पूरी दुनिया में इसे इसी नाम से जाना जाता है ब्रेडफ्रूट शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है यह शरीर में तुरंत एनर्जी का संचार करता है ऐसा माना जाता है कि इसका नियमित सेवन शुगर को भी कंट्रोल कर सकता है यह विदेशी फल है, लेकिन अब हिंदुस्तान में भी पाया जाता है पृथ्वी पर इस फल की उत्पत्ति हजारो साल पूर्व हुई थी

Newsexpress24. Com download 2023 08 23t095000. 678

WhatsApp Group Join Now

फल है, लेकिन उबाल या भूनकर खाया जाता है

इस फल का साइज खरबूजे की तरह होता है और देखने में यह कटहल जैसा लगता है लेकिन यह गोल होता है और इसका संबंध शहतूत परिवार से है वनस्पति विज्ञान ब्रेडफ्रूट को फल ही मानता है, लेकिन इसे अन्य फलों के समान खाया नहीं जा सकता है इसे भूनकर, उबालकर, बेक या फ्राई कर ही खाया जा सकता है जैसे ही आप ऐसा करोगे, इस फल के अंदर से भीनी भीनी ब्रेड की खुशबू आने लगेगी इसका स्वाद आलू जैसा होता है

Breadfruit

इसके पेड़ की छाल के अंदरुनी रेशे से कपड़ा भी बनाया जा सकता है Image-Canva

कुछ प्रजाति में कच्चे केले या उबले हुए चावल का स्वाद आएगा, लेकिन खुशबू ब्रेड वाली ही होगी विभिन्न राष्ट्रों में इसके कई इस्तेमाल हैं इसका अचार बनाया जा सकता है, सूप, स्टू, करी और सलाद में इस्तेमाल किया जा सकता है इसका देसी केक भी बनाया जाता है

प्राचीन फल है, आसाम और महाराष्ट्र में भी पाया जाता है

ब्रेडफ्रूट का इतिहास बहुत प्राचीन है फूड हिस्टोरियन मानते हैं कि ब्रेडफ्रूट की उत्पत्ति तीन हजार ईसा पूर्व दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में हुई, जो आधुनिक मलेशिया, इंडोनेशिया और न्यू गिनी तक फैला हुआ है वरिष्ठ कृषि विज्ञानी प्रो़ रंजीत सिंह और प्रो़ एसके सक्सेना द्वारा लिखित पुस्तक ‘Fruits’ में ब्रेडफ्रूट की उत्पत्ति मलाया प्रशांतद्वीप मानी गई है यह आम फल नहीं है हिंदुस्तान में यह आसाम, महाराष्ट्र में भी पाया जाता है वहां इसे विलायती फणस बोला जाता है

विश्वकोश ब्रिटानिका (Britannica) ने भी इस फल का उत्पत्ति स्थल दक्षिण प्रशांत और अन्य उष्णकटिबंधीय क्षेत्र माना है इन क्षेत्रों में सुखाकर इसका आटा भी बनाया जाता है इसके पेड़ की छाल के अंदरुनी रेशे से कपड़ा भी बनाया जा सकता है का मुख्य भोजन हैं ब्रेडफ्रूट में काफी मात्रा में स्टार्च होता है और इसे शायद ही कभी कच्चा खाया जाता है इसे भूना जा सकता है, बेक किया जा सकता है, उबाला जा सकता है, तला जा सकता है या सुखाकर आटा बनाया जा सकता है दक्षिणी समुद्र में, रेशेदार आंतरिक छाल से कपड़ा बनाया जाता है, तने की लकड़ी से डोंगी और फर्नीचर भी बनाया जाता है

इसलिए है शरीर के लिए लाभकारी

फूड एक्सपर्ट मानते हैं कि इसका सेवन शरीर में तुरंत एनर्जी प्रदान करता है इसमें भरपूर स्टार्च होता है, जो तुरंत ऊर्जा में बदल जाता है यह ग्लूटेन (शरीर के लिए हानिकारक लसलसा प्रोटीन) रहित है, जिसे बहुत पोषक माना जाता है इस फल में आहार फाइबर की भरपूर मात्रा में रहता है, जबकि फेट न के बराबर है यही गुण शुगर से ग्रस्त लोगों के लिए फायदेमंद है ऐसा माना जाता है कि इसमें शुगर को कंट्रोल करने की क्षमता है इसके सेवन का सबसे बड़ा फायदा है कि यह कब्ज से बचाए रखता है और पाचन सिस्टम को स्मूद बनाए रखता है असल में इसमें पाया जाने वाला स्टार्च और फाइबर आंतों को चिकना किए रहता है, जिससे पेट में विकार पैदा नहीं होते इसमें ओमेगा फैटी एसिड भी पाया जाता है, जिसे हड्डियों की मजबूती के लिए जाना जाता है सामान्य तौर पर इसका सेवन करने से कोई साइड इफेक्ट नहीं है, लेकिन अधिक खाए जाने पर यह पेट खराब कर देता है

Tags: Food, Lifestyle

Back to top button