इन प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर मच्छरों को भगाएं दूर
देहरादून। गर्मियों के मौसम में डेंगू के मुद्दे तेजी से बढ़ते हैं क्योंकि इस मौसम में एडीज मच्छर तेजी से पनपते हैं। डेंगू से बचाव के लिए दवाओं और सरकारी तरीकों के साथ-साथ कुछ घरेलू तरीका भी बहुत कारगर हो सकते हैं, जैसे- तुलसी और लौंग की चाय, लहसुन का इस्तेमाल, लेमनग्रास ऑयल का स्प्रे, तुलसी और कपूर का धुआं, गिलोय का काढ़ा आदि। उत्तराखंड में मौसम परिवर्तन के (Dengue Prevention Tips) साथ ही डेंगू ने दस्तक दे दी है। राजधानी देहरादून में डेंगू के रोगी मिलने लगे हैं। पिछले 15 दिन में दो निजी अस्पतालों में 18 मरीज पॉजिटिव पाए गए। लोकल 18 ने जानकार जगदीश चंद्र सेमवाल से उन प्राकृतिक उपायों को समझा, जिससे आपके आसपास डेंगू के मच्छर पनप भी नहीं पाएंगे। आइए, विस्तार से समझते हैं।

उन्होंने बोला कि नीम में एंटीबैक्टीरियल और मच्छर भगाने वाले गुण होते हैं। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर नहाने से फायदा होता है। पुराने समय में घर में नीम के धुएं का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे आसपास उपस्थित मच्छर भटकते नहीं थे।
तुलसी और लौंग की चाय: तुलसी बीमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और मच्छरों को दूर रखने में सहायता करती है। तुलसी के पत्तों को उबालकर पिएं या इसमें लौंग डालकर चाय बनाएं। ये औषधीय पेय आयुर्वेद में कई रोंगों के लिए रामबाण उपचार है।
गिलोय का काढ़ा: गिलोय एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो बीमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। गिलोय की डंडी को उबालकर उसका काढ़ा पिएं। ये नियमित रूप से करें, जिसके बाद आपको जल्द ही असर दिखाई देने लगेंगे।
लहसुन का इस्तेमाल: लहसुन की गंध से मच्छर दूर रहते हैं। लहसुन को पानी में उबालकर उस पानी से कमरे का स्प्रे करें। घर के कोनों में उपस्थित मच्छरों को भगाने के लिए ये बहुत लाभ वाला तरीका होता है।
लेमनग्रास ऑयल का स्प्रे: लेमनग्रास में सिट्रोनैल नामक तत्व होता है, जो मच्छरों को दूर भगाता है। लेमनग्रास ऑयल को पानी में मिलाकर स्प्रे करें या डिफ्यूजर में डालें। मच्छर लेमनग्रास से भागते हैं इसलिए अधिकांश लोग इसका इस्तेमाल करते हैं।
तुलसी और कपूर का धुआं: एक छोटी कटोरी में कपूर और सूखे तुलसी के पत्ते जलाएं और उसका धुआं पूरे घर में फैलाएं। यह प्राकृतिक तरीका न सिर्फ़ मच्छरों को दूर भगाता है बल्कि घर के वातावरण को भी शुद्ध करता है। नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है और डेंगू जैसे संक्रमणों से बचाव होता है।

