कड़ी मेहनत और समर्पण के जरिए एक अलग मुकाम हासिल कर चुकी हैं रितुल दुहान
Indian Army Story: हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा अपने जीवन में कामयाबी की नयी ऊंचाइयों को छू लें। बच्चों की ऐसी कामयाबी से माता-पिता भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं। ऐसी ही कहानी एक लड़की है, जिन्होंने NDA की परीक्षा को पास करके इंडियन आर्मी में ऑफिसर बनेंगी। उनका यह यात्रा कड़ी मेहनत और सरेंडर का नतीजा है। जिनकी हम बात कर रहे हैं, उनका नाम रितुल दुहान (NDA Cadet Ritul Duhan) है।

सेना में बनीं ऑफिसर
बटालियन कैडेट कैप्टन रितुल दुहान मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं। वह हिसार जिले से ताल्लुक रखते हैं। वह उन चुनिंदा स्त्री कैडेटों में से एक हैं, जो इस मई में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से ग्रेजुएट होने वाली हैं। वह नेशनल लेवल की एथलीट और स्टेट लेवल की वाद-विवाद प्रतियोगी रही हैं। रितुल दुहान की यह कामयाबी उनकी कड़ी मेहनत और सरेंडर का उदाहरण है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ा चुना NDA
रितुल को सेना में करियर बनाने का विचार उस समय आई, जब साल 2021 में स्त्रियों को एनडीए में आवेदन करने की अनुमति दी गई थी। इससे पहले वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थीं, लेकिन अपने राज्य की मिलिट्री परंपरा और राष्ट्र की सेवा के जज़्बे ने उन्हें एनडीए प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित किया। जब उन्होंने परीक्षा पास की, तो उनके माता-पिता की गर्व से आंखें भर गई और उन्हें विश्वास हो गया कि उन्होंने ठीक रास्ता चुना है।
एनडीए में स्त्री कैडेटों का पहला बैच
रितुल बताती हैं कि स्त्रियों को एनडीए में शामिल करना एक ऐतिहासिक कदम था। 75 वर्षों तक यह एकेडमी सिर्फ़ पुरुष कैडेटों के लिए थी। इसलिए जब पहली बार स्त्री कैडेट आए, तो यह सभी के लिए एक नया अनुभव था। प्रारम्भ में कुछ अनिश्चितताएं थीं, लेकिन धीरे-धीरे एकेडमी ने परिवर्तन किए और स्त्री कैडेटों को मुख्यधारा में पूरी तरह से शामिल कर लिया गया।
रितुल दुहान और उनके साथ की स्त्री कैडेटों का यह यात्रा न सिर्फ़ उनके लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है। एनडीए में स्त्रियों की भागीदारी इंडियन आर्मी में एक नए युग की आरंभ भी है

