घंटों तक भीड़ से घिरा रहता है शंकर गुप्ता का “सदाबहार स्प्राउट पौष्टिक” स्टॉल
गाजीपुर में मिश्रबाजार के सड़क किनारे शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक एक मोबाइल गाड़ी पर लगने वाली दुकान लोगों को ‘स्वास्थ्य का पैकेज’ परोस रही है। शंकर गुप्ता का “सदाबहार स्प्राउट पौष्टिक” स्टॉल 30 वर्षों से उबले चने, स्प्राउट्स और ताजा सलाद का अनोखा मिश्रण बेचकर लोकप्रिय बना हुआ है। यहां एक प्लेट में मिलते हैं उबले चने की गरमाहट, स्प्राउट्स की क्रंचीनेस और चुकंदर-गाजर-खीरे की ताजगी।

ग्राहकों का बोलना है, यहां खाने के बाद पेट हल्का रहता और एनर्जी बूस्ट हो जाती है। शंकर बताते हैं, “हम रोज़ सुबह तड़के सामान तैयार करते हैं। चने को उबालने से लेकर सब्ज़ियों की कटिंग तक सफाई का ख्याल रखते हैं”।
सेहतमंद और सस्ता
इस स्टॉल की विशेषता है इसकी सस्ती और स्वास्थ्य वर्धक थाली। ₹10 में छोटी प्लेट और ₹20 में बड़ी प्लेट मिलती है, जिसमें चने के साथ मसालेदार चटनी और नींबू भी होता है। लोकल 18 की टीम ने जब यहां खाने वालों से बात की, तो एक ग्राहक ने कहा, ‘रोज़ शाम यहां खाने की आदत बन गई है। पेट साफ रहता है और लीवर की परेशानी कम हुई है’। दूसरी स्त्री ने बताया, ‘बच्चों को यह चना बहुत पसंद है, इसमें मिलावट नहीं होती।’ शंकर का दावा है कि उनके चने में प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स का पावर कॉम्बो है, जो शरीर को डिटॉक्स करता है।
साफ-सफाई से जीतते हैं दिल
इस स्ट्रीट फूड स्टॉल की कामयाबी का राज है इसकी साफ-सफाई और सुन्दर प्रेजेंटेशन। सारा सामान शीशे के डिब्बों में रखा जाता है, जिससे ग्राहकों को हाइजीन का भरोसा मिलता है। शंकर और उनके बेटे हमेशा सफेद एप्रन पहनकर काम करते हैं। वे कहते हैं, “लोगों का विश्वास ही हमारी पूंजी है”।
परिवार का यह कारोबार प्रतिदिन 50 से अधिक प्लेट बेचता है, जिससे घर का खर्च चलता है। शाम को गाड़ी लगाने से लेकर रात को सामान समेटने तक पूरा परिवार जुटा रहता है। शंकर की पत्नी बताती हैं, “बच्चों ने पढ़ाई के साथ यह धंधा भी संभाल लिया है। हमें गर्व है कि लोग हमारे चने को ‘दवा’ मानते हैं”।

