देवउठनी एकादशी के साथ ही गूंजना शुरू हो जाएंगी शहनाई
देवउठनी एकादशी के साथ ही मांगलिक कार्यों की आरंभ हो जाएगी. वैवाहिक आयोजन भी प्रारम्भ होंगे. देवउठनी एकादशी के साथ ही शहनाई की गूंज भी प्रारम्भ हो जाएगी. जिलेभर में आज करीब 400 जोड़े वैवाहिक बंधन सूत्र में बधंगे.
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ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने कहा कि प्रबोधिनी और देवउठनी एकादशी मंगलवार को है. इस दिन गंगा तीर्थ स्नान के साथ भगवान श्री हरि और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है. उन्हें फल केला, आंवला, अनार, सिंहाड़ा, सेब और पीले मिष्ठान के साथ खीर का भोग प्रसाद लगाना चाहिए.
मान्यता है कि इस शुभ तिथि पर व्रत करके विधि पूर्वक भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से इच्छा पूर्ण होती है. योग्य ब्राह्मण और मंदिरों में दान करने से भगवान प्रसन्न होते है. देवउठनी एकादशी व्रत करने से जातक को सभी तरह के पापों से छुटकारा मिल जाता है.
एकादशी तिथि 11 नवंबर को शाम 6:47 बजे से प्रारंभ हो गई है. जो 12 नवंबर को शाम 4:05 बजे तक रहेगी. देवउठनी एकादशी अबुझ मुहूर्त है. लेकिन सुबह 5:29 से शाम 4:05 बजे तक पृथ्वी लोक की भद्रा होने के कारण स्नान, व्रत, पूजन, हवन, दान आदि कार्य भद्रा में अत्यंत शुभ रहेगा. लेकिन मुंडन, उपनयन, विवाह, तुलसी विवाह, कुआं पूजन आदि कार्य शाम 4:05 बजे के बाद भद्रा समापन के बाद करना ठीक रहेगा.
एक साथ बन रहे तीन योग
देवउठनी एकादशी के साथ उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के संयोग से सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. साथ ही हर्षण योग और रवि योग का सुंदर संयोग भी रहेगा. इसलिए व्रत, पूजन, दान, खरीद-बिक्री, कानूनी कार्य, स्वास्थ और शल्य चिकित्सा, चुनाव संबंधित कार्य पूरे दिन इस शुभ योग में करना अत्यंत सफल रहेगा. श्री लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति के साथ ही जीवन में व्याप्त दुखों का नाश होगा.
ब्रह्म मुहूर्त स्नान सुबह 5:08 से शाम 5:56 बजे तक. स्नान, पूजन, दान और अन्य कार्य-सुबह 6:58 से दोपहर 1:23 बजे और दोपहर 2:44 से 4:05 बजे तक.
एकादशी व्रत का पारण-13 नवंबर को सुबह 6:42 से 8:51 बजे के मध्य.
मंडप सजे, दुकानों पर भीड़ देवउठनी एकादशी के चलते हापुड़ में स्थान स्थान मंडप सजे दिखे, तो भिन्न भिन्न मोहल्ले में मकान भी सजे हुए दिखाई दिए. जबकि कपड़े, ज्वेलरी शॉप पर भी भीड़ दिखाई दी. जिससे दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए. उधर सड़कों पर देर शाम वाहनों के दबाव बढ़ने से जाम लगने की आसार है.

